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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 27, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Tirupati Laddu Row: 'किसी ने जाने से नहीं रोका', जगन रेड्डी के तिरुपति मंदिर दौरा रद्द करने पर बोले चंद्रबाबू नायडू

By Agency Edited By: Sachin Pandey
Published: Fri, 27 Sep 2024 09:36 PM (IST)

Tirupati Laddu Row तिरुपति लड्डू विवाद पर आंध्र प्रदेश की सियासत गरमा गई है। पहले मंदिर का दौरा करने की ...और पढ़ें

चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि जगन रेड्डी को किसी ने मंदिर जाने से नहीं रोका है। (File Image)
चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि जगन रेड्डी को किसी ने मंदिर जाने से नहीं रोका है। (File Image)

HighLights

  1. जगन रेड्डी ने अचानक रद्द किया था तिरुपति मंदिर जाने का दौरा।
  2. नायडू ने कहा- मंदिर का नियम हर किसी को मानना चाहिए।

पीटीआई, अमरावती। तिरुपति मंदिर के लड्डू में मिलावट को लेकर हो रहे विवाद के बीच वाईएसआरसीपी प्रमुख वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने अपनी मंदिर की यात्रा रद्द कर दी थी। अब आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उन्हें किसी ने नहीं रोका है।

गौरतलब है कि एनडीए सहयोगियों ने जगन रेड्डी से मंदिर में प्रवेश से पहले अपनी आस्था की घोषणा करने की मांग की थी। वहीं, एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए जगन ने कहा था कि वह तिरुपति नहीं जा सकते, क्योंकि पुलिस ने उनके पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी कर चेतावनी दी है कि वे उनके मंदिर दौरे में शामिल न हों।

'कोई भी व्यक्ति परंपराओं और रीति-रिवाजों से ऊपर नहीं'

रेड्डी के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए नायडू ने कहा कि कोई भी व्यक्ति परंपराओं और रीति-रिवाजों से ऊपर नहीं है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि किसी ने पूर्व सीएम को मंदिर जाने से नहीं रोका। उनसे सिर्फ मंदिर के नियमों का पालन करने को कहा गया था।

इससे पहले जगन रेड्डी के बहुचर्चित तिरुमाला दौरे की घोषणा, वाईएसआरसीपी द्वारा मंदिरों में प्रार्थना करने के आह्वान के तहत की गई थी, ताकि तिरुपति के लड्डू की गुणवत्ता पर टीडीपी सुप्रीमो नायडू के आरोपों के माध्यम से किए गए पाप का प्रायश्चित किया जा सके। जगन के दौरा रद्द करने की घोषणा के कुछ घंटों बाद नायडू ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपील की कि श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में आने वाले हर आगंतुक को नियमों का पालन करना चाहिए और भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने से बचना चाहिए।