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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 30, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Caste Census: 'पिछड़े वर्गों को सशक्त करना सरकार का लक्ष्य', जाति जनगणना के फैसले पर बोले अमित शाह

By Agency Edited By: Piyush Kumar
Published: Wed, 30 Apr 2025 06:17 PM (IST)Updated: Wed, 30 Apr 2025 06:28 PM (IST)

मोदी कैबिनेट ने बुधवार को फैसला किया कि जातियों की गणना जनगणना (Caste Census In India) में होगी। सरकार ने ...और पढ़ें

केंद्र सरकार ने जाति जनगणना कराने का फैसले पर अमित शाह ने प्रतिक्रिया दी।(फाइल फोटो)
केंद्र सरकार ने जाति जनगणना कराने का फैसले पर अमित शाह ने प्रतिक्रिया दी।(फाइल फोटो)

HighLights

  1. यह फैसला वंचितों की प्रगति के नए मार्ग प्रशस्त करेगा: अमित शाह
  2. हमें जातिवादी कहने वालों को करारा जवाब मिला: लालू यादव
  3. जाति जनगणना कराने का केंद्र सरकार का फैसला स्वागतयोग्य: नीतीश कुमार

एएनआई, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट की बैठक हूई। बैठक में सरकार ने फैसला किया अगले जनगणना में जातियों की गणना (Caste Census In India) होगी।

बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि आने वाली जनगणना में जातियों की भी गणना होगी। गौरतलब है कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव जैसे विपक्षी नेता बार-बार जाति जनगणना कराने की मांग केंद्र सरकार से कर रहे हैं।

केंद्र सरकार के फैसले पर गृह मंत्री अमित शाह ने खुशी जाहिर करते हुए एक्स पर पोस्ट लिखा," सामाजिक न्याय के लिए संकल्पित मोदी सरकार ने आज एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। पीएम मोदी के नेतृत्व में आज हुई CCPA की बैठक में आगामी जनगणना में जातिगत गणना को शामिल करने का निर्णय लेकर सामाजिक समानता और हर वर्ग के अधिकारों के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता का संदेश दिया गया है।"

उन्होंने आगे लिखा,"कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने दशकों तक सत्ता में रहते हुए जातिगत जनगणना का विरोध किया और विपक्ष में रहते हुए इस पर राजनीति की। इस निर्णय से आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े सभी वर्गों का सशक्तीकरण होगा, समावेशन को बढ़ावा मिलेगा और यह वंचितों की प्रगति के नए मार्ग प्रशस्त करेगा।"

लालू यादव ने क्या कहा?

राष्ट्रीय जनता दल सुप्रिमो लालू यादव ने एक्स हैंडल पर लिखा, "मेरे जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते दिल्ली में हमारी संयुक्त मोर्चा की सरकार ने 1996-97 में कैबिनेट से 2001 की जनगणना में जातिगत जनगणना कराने का निर्णय लिया था जिस पर बाद में NDA की वाजपेयी सरकार ने अमल नहीं किया।"

2011 की जनगणना में फिर जातिगत गणना के लिए हमने संसद में जोरदार मांग उठाई। मैंने, स्व. मुलायम सिंह जी, स्व॰ शरद यादव जी ने इस मांग को लेकर कई दिन संसद ठप्प किया और बाद में प्रधानमंत्री स्व. मनमोहन सिंह जी के सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण कराने के आश्वासन के बाद ही संसद चलने दिया। देश में सर्वप्रथम जातिगत सर्वे भी हमारी 17 महीने की महागठबंधन सरकार में बिहार में ही हुआ।

उन्होंने आगे लिखा कि जिसे हम समाजवादी जैसे आरक्षण, जातिगणना, समानता, बंधुत्व, धर्मनिरपेक्षता इत्यादि 30 साल पहले सोचते है उसे दूसरे लोग दशकों बाद फॉलो करते है। जातिगत जनगणना की मांग करने पर हमें जातिवादी कहने वालों को करारा जवाब मिला। अभी बहुत कुछ बाकी है। हम इन संघियों को हमारे एजेंडा पर नचाते रहेंगे।

जाती जनगणना से देश के विकास को गति मिलेगी: नीतीश कुमार

बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने कहा, "जाति जनगणना कराने का केंद्र सरकार का फैसला स्वागतयोग्य है। जाति जनगणना कराने की हमलोगों की मांग पुरानी है। यह बेहद खुशी की बात है कि केन्द्र सरकार ने जाति जनगणना कराने का निर्णय किया है। जाति जनगणना कराने से विभिन्न वर्गों के लोगों की संख्या का पता चलेगा जिससे उनके उत्थान एवं विकास के लिए योजनाएं बनाने में सहूलियत होगी। इससे देश के विकास को गति मिलेगी। जाति जनगणना कराने के फैसले के लिए माननीय प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेन्द्र मोदी जी का अभिनंदन तथा धन्यवाद।"

तेजस्वी यादव ने क्या कहा?

मोदी सरकार के फैसले पर कई नेताओं ने प्रतिक्रिया दी है। सरकार के फैसले पर राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने कहा, "यह हमारी 30 साल पुरानी मांग थी। यह हमारी, समाजवादियों और लालू यादव की जीत है।  इससे पहले बिहार के सभी दलों ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी, लेकिन उन्होंने हमारी मांग को अस्वीकार कर दिया। कई मंत्रियों ने इससे इनकार किया, लेकिन यह हमारी ताकत है कि उन्हें हमारे एजेंडे पर काम करना है।"

उन्होंने आगे कहा,"जब हमने बिहार में जातिगत सर्वेक्षण के निष्कर्षों के आधार पर आरक्षण को बढ़ाकर 65% किया था, तब भी हमने केंद्र सरकार से मांग की थी कि इस प्रावधान को अनुसूची 9 में शामिल किया जाए, लेकिन अब तक सरकार ने ऐसा नहीं किया है। जातिगत जनगणना परिसीमन से पहले होनी चाहिए और फिर जिस तरह दलितों, एससी, एसटी और आदिवासियों के लिए संसद और राज्य विधानसभाओं में आरक्षित सीटें हैं, उसी तरह ओबीसी और अति पिछड़े वर्गों के लिए भी आरक्षित सीटें होनी चाहिए।"

ललन सिंह ने तेजस्वी यादव के बयान का किया पलटवार

तेजस्वी यादव के बयान पर केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन (ललन) सिंह ने कहा, "जब हम (जेडीयू) भारतीय जनता पार्टी के गठबंधन में थे, तब हमने मुंबई और बेंगलुरु की बैठकों में इस मुद्दे को उठाया था, लेकिन ममता बनर्जी ने इसका विरोध किया था। लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव चुप रहे। वे आज कुछ राजनीतिक लाभ लेने के लिए ऐसा कह रहे हैं। उन्होंने कभी कुछ नहीं किया, लेकिन हमेशा हर चीज का श्रेय लेने की कोशिश की।"

सम्राट चौधरी ने पीएम मोदी का किया धन्यवाद

बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, "मैं नरेंद्र मोदी जी को धन्यवाद और बधाई देता हूं जिन्होंने राष्ट्रीय जनगणना में जाति जनगणना को शामिल करने का फैसला किया है।"

सरकार इसे औजार के तौर पर न करे इस्तेमाल: मनोज झा 

राष्ट्रीय जनगणना में जाति जनगणना को शामिल किए जाने पर आरजेडी सांसद मनोज झा ने कहा, "2000 से ही लालू जी और तेजस्वी जी इसके लिए लड़ रहे थे। अब हमारा सरकार से अनुरोध है कि इसे औजार के तौर पर इस्तेमाल न किया जाए बल्कि आंकड़ों के आधार पर भागीदारी सुनिश्चित की जाए।"

कांग्रेस नेताओं ने क्या-क्या कहा?

कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा, "मैं इस फैसले का स्वागत करता हूं। यह कांग्रेस की जीत है। आखिरकार मोदी सरकार को जाति जनगणना करानी पड़ रही है।"

कांग्रेस सांसद चमाला किरण कुमार रेड्डी ने कहा, "यह पहल तेलंगाना राज्य से आई है, जिसने हाल ही में जाति जनगणना की है। भारत जोड़ो यात्रा का संचालन करने वाले राहुल गांधी ने जाति जनगणना की आवश्यकता को देखा। हम इसे स्वीकार करने के लिए नरेंद्र मोदी जी और कैबिनेट मंत्रियों के आभारी हैं। हमारे नेता राहुल गांधी ने यही सपना देखा था। हम उनके सपने को पूरा होते देखकर खुश हैं।"