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    Cash For Query Case Live: महुआ मोइत्रा की संसद सदस्या हुई रद्द, लोकसभा में पास हुआ एथिक्स कमेटी का प्रस्ताव

    By AgencyEdited By: Shalini Kumari
    Updated: Fri, 08 Dec 2023 03:47 PM (IST)

    तृणमुल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा की सांसदी रद्द कर दी गई है। दरअसल लोकसभा में एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट पेश की गई है जिसको लेकर काफी समय तक बहस जारी रही और अंत में महुआ मोइत्रा की सदस्यता रद्द करने का फैसला लिया गया। फिलहाल महुआ मोइत्रा के समर्थन में तमाम विपक्षी दल के सांसद सदन के बाहर आ गए।

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    महुआ मोइत्रा के समर्थन में तमाम विपक्षी सांसद संसद के बाहर आए (फोटो: समाचार एजेंसी)

    एजेंसी, नई दिल्ली। टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा को पैनल के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए संसद से निष्कासित कर दिया गया है। दरअसल, लोकसभा में भाजपा सांसद विनोद कुमार सोनकर ने यह रिपोर्ट पेश की थी। इस पर लंबे बहस के बाद महुआ मोइत्रा की सदस्यता रद्द करने का फैसला लिया गया है। 

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    यहां पढ़ें अपडेट्स

    • संसद से निष्कासित किए जाने के बाद महुआ मोइत्रा का गुस्सा फूटा। उन्होंने कहा कि एथिक्स कमेटी के पास निष्कासित करने की कोई शक्ति नहीं है। यह आपके (भाजपा) अंत की शुरुआत है।

    • लोकसभा पैनल की रिपोर्ट पर स्पीकर ओम बिरला ने महुआ मोइत्रा को संसद से निष्कासित कर दिया है। 

    • लोकसभा स्पीकर ने महुआ मोइत्रा को एथिक्स कमेटी की सिफारिश पर सदन में बोलने की अनुमति नहीं दी, कहा कि उन्हें पैनल मीटिंग में मौका मिला। विपक्षी सांसदों की मांग है कि महुआ मोइत्रा को लोकसभा में बोलने की अनुमति दी जाए, स्पीकर ओम बिरला बताते हैं कि ऐसा क्यों नहीं किया जा सकता है।

    • टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने चर्चा के दौरान कहा, "सदन के पास महुआ मोइत्रा को सदस्य पद से हटाने का अधिकार नहीं है।"

    • रिपोर्ट पर टीएमसी सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने अनुरोध किया कि महुआ मोइत्रा को सदन के समक्ष अपना पक्ष रखने की अनुमति दी जाए।

    • कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा, "मैंने प्रक्रिया और कार्य संचालन नियमों के नियम 316 (डी) को ध्यान से पढ़ा है। इसमें कहा गया है कि समिति की सिफारिशों को एक रिपोर्ट के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। आचार समिति सिफारिश कर सकती है, यदि कोई व्यक्ति दोषी है या निर्दोष है, लेकिन यह उनकी सजा की सिफारिश नहीं कर सकता है।

    • कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने संसद में कहा, "अधीर रंजन ने कहा कि अगर हमने इस रिपोर्ट पर संज्ञान लेने के लिए 3-4 दिन का समय दिया होता और फिर सदन के सामने अपनी राय रखी होती, तो आसमान नहीं गिर जाता, क्योंकि सदन इस पर निर्णय लेने जा रहा है। यह एक बहुत ही संवेदनशील मामला है।"

    • मामले को लेकर टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी और अधीर रंजन चौधरी ने लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने पैनल की रिपोर्ट को पढ़ने के लिए 3-4 दिन का समय मांगा है।

    फिलहाल, टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा पर एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट पेश किए जाने के तुरंत बाद सदन में हंगामे के बीच लोकसभा दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।

    लोकसभा में एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट पेश होने के बाद टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा संसद से बाहर चली गईं। उन्होंने कहा, "हमें अभी तक यह नहीं मिला है। मुझे लंच करने दो और वापस आने दो। जो भी होना है, दोपहर 2 बजे के बाद होगा।"