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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 14, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मणिपुर में लगे राष्ट्रपति शासन को लेकर राहुल ने कसा तंज, बोले- भाजपा ने माना कि वह शासन में अक्षम

By Agency Edited By: Jeet Kumar
Published: Fri, 14 Feb 2025 02:30 AM (IST)

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को आरोप लगाया कि मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाना भाजपा की ओर ...और पढ़ें

मणिपुर में लगे राष्ट्रपति शासन को लेकर राहुल ने कसा तंज (फाइल फोटो)
मणिपुर में लगे राष्ट्रपति शासन को लेकर राहुल ने कसा तंज (फाइल फोटो)

HighLights

  1. जयराम ने कहा, सामाजिक ताने-बाने को क्षतिग्रस्त करने के बाद लगा राष्ट्रपति शासन
  2. राहुल बोले- पीएम मोदी मणिपुर के लिए अपनी सीधी जिम्मेदारी से इनकार नहीं कर सकते

 पीटीआई, नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को आरोप लगाया कि मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाना भाजपा की ओर से शासन करने में उसकी अक्षमता की देर से की गई स्वीकारोक्ति है। अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मणिपुर के प्रति अपनी जिम्मेदारी से इनकार नहीं कर सकते।

राहुल गांधी ने कही ये बात

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट किया, मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू करना भाजपा द्वारा मणिपुर में शासन करने में उसकी पूर्ण अक्षमता की देर से स्वीकारोक्ति है। अब प्रधानमंत्री मोदी मणिपुर के लिए अपनी सीधी जिम्मेदारी से इनकार नहीं कर सकते।

मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया है

उन्होंने सवाल किया कि क्या प्रधानमंत्री ने अंतत: राज्य का दौरा करने और मणिपुर और भारत के लोगों को वहां शांति एवं सामान्य स्थिति बहाल करने की अपनी योजना समझाने का मन बना लिया है?

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि आखिरकार वह हुआ, जिसकी मांग पार्टी पिछले 20 महीनों से कर रही थी। मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया है।

उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रपति शासन तब लगाया गया है जब सुप्रीम कोर्ट ने राज्य में संवैधानिक तंत्र के पूर्ण रूप से ठप हो जाने की बात कही। इसके चलते तीन मई, 2023 से अब तक 300 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, जबकि 60,000 से अधिक पुरुषों, महिलाओं और बच्चों का विस्थापन हो चुका है। कांग्रेस महासचिव ने एक्स पर पोस्ट किया कि राष्ट्रपति शासन तब लगाया गया, जब मणिपुर के सामाजिक ताने-बाने को गंभीर रूप से क्षति पहुंचने दी गई।

मणिपुर को घुसपैठ से निपटने में संघर्ष करना पड़ रहा : बीरेन सिंह

मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने गुरुवार को कहा कि राज्य प्रशासन को तीन मई, 2023 से अवैध घुसपैठ से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। सिंह ने एक्स पर पोस्ट किया कि सीमावर्ती राज्य में अवैध घुसपैठ लगातार बढ़ रही है, जिससे सामाजिक ताना-बाना खतरे में पड़ रहा है। मूल निवासी मित्रों को संबोधित अपनी पोस्ट में उन्होंने कहा कि हमारी भूमि और पहचान खतरे में है।

आगे कहा कि एक छोटी आबादी और सीमित संसाधनों के मद्देनजर हम बहुत संवेदनशील हैं। मैंने दो मई, 2023 तक लगातार अवैध घुसपैठ पर नजर रखी और उसका पता लगाया। लेकिन तीन मई, 2023 की दुखद घटनाओं के बाद हमारा राज्य प्रशासन प्रभावी ढंग से जवाबी कार्रवाई करने के लिए संघर्ष कर रहा है।

घुसपैठ पर गंभीरता से ध्यान दें

सिंह ने दावा किया कि म्यांमार के साथ 398 किलोमीटर लंबी सीमा और उस देश के साथ मुक्त आवागमन व्यवस्था से मणिपुर के जनसांख्यिकीय संतुलन में बदलाव आ रहा है।उन्होंने कहा, यह कोई अटकलबाजी नहीं है। यह हमारी आंखों के सामने हो रहा है।

मार्च 2017 में जब से हमारी सरकार बनी है, तब से चुनौतियां और भी बढ़ गई हैं। सिंह ने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे घुसपैठ पर गंभीरता से ध्यान दें और घुसपैठियों का पता लगाने तथा उन्हें निर्वासित करने के प्रयास तेज करें।