विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 03, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

केरल में अब भी फंसा है ब्रिटिश F-35B फाइटर जेट, UK के टॉप इंजीनियर भी नहीं कर पाए सही; अब एयरलिफ्ट करने की तैयारी

Published: Thu, 03 Jul 2025 05:50 PM (IST)

केरल के तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर ब्रिटिश F-35B स्टील्थ फाइटर जेट तकनीकी खराबी के कारण फंसा हुआ है। रॉयल नेवी के ...और पढ़ें

इसे C-17 ग्लोबमास्टर ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट से एयरलिफ्ट करने पर विचार किया जा रहा है (फोटो: रॉयटर्स)
इसे C-17 ग्लोबमास्टर ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट से एयरलिफ्ट करने पर विचार किया जा रहा है (फोटो: रॉयटर्स)

HighLights

  1. इंजीनियरों की विशेष टीम भेजी नहीं कर पाई निदान
  2. HMS प्रिंस ऑफ वेल्स पर नहीं लौट पाया एयरक्राफ्ट
  3. भारतीय नेवी के साथ युद्धाभ्यास कर लौट रहा था

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केरल के तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर अभी भी ब्रिटिश F-35B स्टील्थ फाइटर जेट फंसा हुआ है। यह रॉयल नेवी के बेड़े का हिस्सा है, जो भारत के साथ युद्धाभ्यास के बाद ईंधन की कमी की वजह से वापस नहीं लौट पाया था, लेकिन बाद में इसमें तकनीकी दिक्कत भी आ गई थी।

रॉयल नेवी ने यूनाइटेड किंगडम से इंजीनियरों की विशेष टीम भेजी है, जो अपने एडवांस रिपेयर इक्विपमेंट्स के साथ आए हैं, लेकिन फिर भी अभी तक समस्या का निदान नहीं हो पाया है। अब चर्चा है कि इसे C-17 ग्लोबमास्टर ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट से एयरलिफ्ट करने पर विचार किया जा रहा है।

लॉकहीड मार्टिन ने बनाया एयरक्राफ्ट

F-35B लॉकहीड मार्टिन द्वारा बनाया गया पांचवीं पीढ़ी का शॉर्ट टेक-ऑफ और वर्टिकल लैंडिंग वैरिएंट वाला लड़ाकू विमान है। इसे दुनिया का सबसे आधुनिक विमान कहा जाता है। इसे इंडो-पैसिफिक में तैनात रॉयल नेवी के प्रमुख विमानवाहक पोत HMS प्रिंस ऑफ वेल्स पर रखा गया था।

15 जून को भारत और ब्रिटेन की नेवी के बीच नौसैनिक अभ्यास हुआ था। इसके बाद एयरक्राफ्ट को HMS प्रिंस ऑफ़ वेल्स लौट जाना था, लेकिन ईंधन की कमी के कारण इसे पायलट ने सुरक्षित रूप से तिरुवनंतपुरम इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड करा दिया था। लेकिन ग्राउंड होने के बाद एयरक्राफ्ट में टेक्निकल दिक्कत आ गई।

19 दिन बाद भी निदान नहीं

  • एयरक्राफ्ट उड़ने में असमर्थ हो गया। इसके बाद पायलट को रॉयल नेवी के AW101 मर्लिन हेलीकॉप्टर से HMS प्रिंस ऑफ वेल्स पर ले जाया गया। F-35B को तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर विशेष निगरानी में रखा गया। लैंडिंग के 19 दिन बाद भी विमान की समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
  • एअर इंडिया की तरफ से F-35B को हैंगर में पार्किंग की पेशकश की गई थी, लेकिन ब्रिटिश नेवी ने एयरक्राफ्ट की संवेदनशील टेक्लिकल जानकारी का हवाला देते हुए इनकार कर दिया था। अब हो सकता है कि एयरक्राफ्ट को एयरलिफ्ट कर वापस ले जाया जाए।

यह भी पढ़ें: हैंगर में जाएगा केरल में फंसा F-35 लड़ाकू विमान, लेकिन UK ने रख दी ये शर्त; जानिए किस बात से डर रहा ब्रिटेन