मेहुल चोकसी को भारत लाना आसान नहीं, मुंबई की अदालत में 7 साल से क्यों अटकी है जांच एजेंसी की अहम याचिका?
मेहुल चोकसी को बेल्जियम की पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया है। लंबे समय तक एंटीगुआ व बारबाडोस में रहने के बाद चोकसी बेल्जियम के एक अस्पताल में ईलाज करा रहा था जहां उसकी गिरफ्तारी हुई है। चोकसी बेल्जियम से इलाज के लिए स्विटजरलैंड जाने की तैयारी में था। अब भारत ने बेल्जियम सरकार से उसके प्रत्यर्पण का आग्रह किया है।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। सरकारी क्षेत्र के पंजाब नेशनल बैंक को तकरीबन 13 हजार करोड़ रुपये का चूना लगा कर वर्ष 2018 से भारत से फरार रत्न व आभूषण क्षेत्र का कभी दिग्गज उद्योगपति रहा मेहुल चोकसी को बेल्जियम की पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया है। लंबे समय तक एंटीगुआ व बारबाडोस में रहने के बाद चोकसी बेल्जियम के एक अस्पताल में ईलाज करा रहा था जहां उसकी गिरफ्तारी हुई है।
चोकसी की हर गतिविधि पर नजर रख रही भारतीय एजेंसियों ने बेल्जियम सरकार से उसे प्रत्यर्पित करने का आग्रह किया है। भारत और बेल्जियम के बीच काफी पुरानी प्रत्यर्पण संबंधी समझौता है जिसके आधार पर एक दूसरे के आर्थिक अपराधी को कानूनी तौर पर सुपुर्द करने का प्रावधान भी है। समस्या सिर्फ यह है कि चोकसी का स्वास्थय खराब है और वह इस आधार पर बचने की कोशिश कर सकता है।
बेल्जियम से इलाज के लिए स्विटजरलैंड जाने की तैयारी में था चोकसी
सूत्रों ने इस बात की तसदीक की है कि भारतीय जांच एजेंसियों के आग्रह पर बेल्जियम की फेडरल पब्लिक सर्विस आफ जस्टिम के आदेश पर गिरफ्तार किया गया है। उसकी गिरफ्तार भारत व बेल्जियम की सुरक्षा एजेंसियों के आपसी सहयोग से हुआ है।
चोकसी बेल्जियम से इलाज के लिए स्विटजरलैंड जाने की तैयारी में था। अब भारत ने बेल्जियम सरकार से उसके प्रत्यर्पण का आग्रह किया है। वैसे भारत की जांच एजेंसियों जैसे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) को पहले से ही पता था कि चोकसी बेल्जियम में है।
यह बात बेल्जियम सरकार ने भी पहले स्वीकार की हुई है और ईडी की तरफ से मुंबई उच्च न्यायालय में दायर एक मामले में चोकसी के वकील ने भी अपने आवेदन में कही है। मीडिया में यह खबरें भी आ रही थी कि वह बेल्जियम के अस्पताल में इलाज कर रहा है।
साल 2021 में हुई थी चोकसी को भारत लाने की कोशिश
चोकसी को भारत लाने के लिए पूर्व में भी कई बार कोशिशें हुई हैं। इन कोशिशों को खास सफलता नहीं मिली है। वर्ष 2021 में भारत की जांच एजेंसियों के एक दल से भरा हुआ जहाज एक अन्य कैरिबियन देश डोमिनिका भेजा गया था। तब हालात ऐसे बने थे कि चोकसी का प्रत्यर्पण बहुत संभव लग रहा था लेकिन कानूनी पचड़े में फंसने के बाद भारतीय दल को खाली हाथ वापस लौटना पड़ा था।
इसके बाद अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत चोकसी के खिलाफ इंटरपोल रेड कार्नर नोटिस भी वर्ष 2022 में खारिज हो चुका है। इंटरपोल ने एंटीगुआ और बारबाडोस के मौजूदा नागरिक मेहुल चोकसी के उस आवेदन को स्वीकार कर लिया था कि जिसमें उसने कहा था कि रेड कार्नर नोटिस के जरिए उसका उत्पीड़न किया जा रहा है। एक स्वतंत्र देश का नागरिक होने की वजह से उसके और कहीं फरार होने की संभावना नहीं है।
यह भारतीय एजेंसियों के लिए बड़ा झटका था। वैसे चोकसी को भारत लाने के लिए अभी बेल्जियम स्थित भारतीय दूतावास की अगुवाई में स्थानीय कानून के मुताबिक कोशिश हो रही है।
डेढ़ दशक तक भारत का सबसे ख्यातिप्राप्त उद्योगपति रहा चोकसी
मेहुल चोकसी तकरीबन डेढ़ दशक तक भारत के रत्न व आभूषण उद्योग का सबसे ख्यातिप्राप्त उद्योगपति रहा। उसकी कंपनी ने गीतांजलि ब्रांड के नाम से हीरे व दूसरे रत्नों के आभूषणों की खुदरा बिक्री करने वाली शो-रूम स्थापित किये।
इस क्रम में चोकसी ने इस सेक्टर के अन्य उद्योगपति नीरव मोदी के साथ मिल कर पीएनबी कसे करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की। ये दूसरे देशों में स्थित छद्यम नाम से स्थापित कंपनियों लेटर ऑफ अंडरटेकिंग और फॉरेन लेटर्स ऑफ क्रेडिट हासिल करते थे और फिर उस पर पीएनबी के एक खास शाखा से सैकड़ों करोड़ रुपये का ट्रांसजैक्शन करते थे।
पीएनबी के भी कुछ अधिकारियों की मिली भगत सामने आई
जांच में इसमें पीएनबी के भी कुछ अधिकारियों की मिली भगत सामने आई थी। वह हीरे व दूसरे रत्न आयात करने के नाम पर करोड़ों रुपये पीएनबी से लेते थे और उसका दूसरे काम में इस्तेमाल करते थे।
बाद में बैंक को पैसे जमा कर दिये जाते थे लेकिन यह पूरी प्रक्रिया ही धोखाधड़ी पर आधारित थी। बाद में पीएनबी से ली गई राशि भी नहीं लौटाई गई। चोकसी का रिश्तेदार व उसके अपराध में बराबर का भागीदार नीरव मोदी अभी ब्रिटेन के जेल में बंद है। भारत सरकार उसके प्रत्यर्पण के लिए प्रयासरत है। वहां की अदालतों में मोदी तकरीबन हर कानूनी लड़ाई हार चुका है। अब उसने वहां शरण लेने के लिए आवेदन किया हुआ है।
अदालत में अटका हुआ है चोकसी का मामला
बीमारी का हवाला देते हुए मुंबई स्थित स्पेशल पीएमएलए कोर्ट में मेहुल चोकसी आवेदन देता रहा है, जहां उसकी दलील रही है कि वो बीमारी के चलते कहीं बाहर की यात्रा नहीं कर सकता। पिछले साल मेहुल चोकसी ने अपने वकीलों के माध्यम से एक मेडिकल सर्टिफिकेट दायर किया था, जिसमें उसने कहा था कि वह अगस्त 2024 तक यात्रा नहीं कर सकता।
अदालत द्वारा इस मामले पर सुनवाई न करने पर ईडी के एक अधिकारी ने कहा था, "अदालत निरर्थक आवेदनों से व्यस्त है, और उसे (चोकसी को) एफईओ घोषित करने के हमारे आवेदन पर सुनवाई पिछले सात वर्षों से अटकी हुई है।"
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