मेंगलुरु में बम विस्फोट पर कर्नाटक CM ने कहा- संदिग्ध के थे आतंकियों से संबंध, कोयम्बटूर ब्लास्ट से भी लिंक
मेंगलुरु में पुलिस थाने के पास एक ऑटोरिक्शा में शनिवार शाम को विस्फोट हुआ जिसमें यात्री और चालक घायल हो गए। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। विस्फोट के लिए डेटोनेटर तार और बैटरी से लैस कुकर का इस्तेमाल किया गया।

बेल्लारी (कर्नाटक), एजेंसी। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने रविवार को कहा कि मेंगलुरु में कथित तौर पर बम विस्फोट करने वाले संदिग्ध के आतंकवादियों से संपर्क थे क्योंकि वह पड़ोसी राज्य तमिलनाडु में कोयम्बटूर सहित विभिन्न स्थानों की यात्रा कर चुका था। मुख्यमंत्री ने यहां संवाददाताओं से कहा कि प्रारंभिक सूचना के अनुसार यह एलईडी से जुड़ा उपकरण है। पुलिस थाने के पास एक ऑटोरिक्शा में शनिवार शाम को विस्फोट हुआ, जिसमें यात्री और चालक घायल हो गए। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आटोरिक्शा का इंटीरियर बुरी तरह क्षतिग्रस्त
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, विस्फोट के लिए डेटोनेटर, तार और बैटरी से लैस कुकर का इस्तेमाल किया गया। विस्फोट के बाद आटोरिक्शा का इंटीरियर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। बोम्मई ने कहा कि जब संदिग्ध के पिछले जीवन की जांच की गई, तो यह स्पष्ट हो गया कि मौके से मिले आधार कार्ड में उल्लिखित नाम उस व्यक्ति से अलग था, जो इसे ले जा रहा था। संदिग्ध के पास डुप्लीकेट आधार कार्ड था। इसमें हुबली का पता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब पुलिस ने संदिग्ध के मूल पते और उसके ठहरने के स्थानों का पता लगाया तो और जानकारी सामने आई।
मामले की जांच में एनआइए और आइबी भी शामिल
बोम्मई ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह एक आतंकी घटना है। कोयंबटूर या अन्य जगहों पर उसने यात्रा की थी, जो स्पष्ट रूप से उसके आतंकी लिंक की ओर इशारा करता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) और इंटेलिजेंस ब्यूरो (आइबी) के अधिकारी भी मामले की जांच में राज्य पुलिस के साथ शामिल हो गए हैं। एनआईए की चार सदस्यीय टीम मौके पर पहुंच गई है और पुलिस के साथ मिलजुल कर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि संदिग्ध फिलहाल अस्पताल में है। उसके होश में आने के बाद आगे की जांच की जाएगी। जांच से और जानकारी सामने आएगी। एक बड़ा नेटवर्क है, जिसका भंडाफोड़ किया जाएगा।
विस्फोट के समय शहर में मौजूद थे मुख्यमंत्री
जब उनका ध्यान इस बात की ओर खींचा गया कि जिस दिन वे मेंगलुरु में थे, उसी दिन यह वारदात हुई। मुख्यमंत्री बोम्मई ने कहा कि वह तटीय शहर में कार्यक्रम में शामिल हुए थे और वहां से दोपहर तीन बजे लौटे, जबकि विस्फोट उसके बाद हुआ। आतंकी घटना के प्रतिबंधित संगठन पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया से जुड़े होने के बारे में बोम्मई ने कहा कि जांच से लोगों के सामने जल्द सच सामने आ जाएगा।
मेंगलुरु आटो ब्लास्ट हादसा नहीं आतंकी घटना
कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) प्रवीण सूद ने कहा कि मेंगलुरु में एक चलते आटोरिक्शा में हुआ विस्फोट आतंकी कृत्य है। रविवार को डीजीपी ने ट्वीट किया, अब इसकी पुष्टि हो गई है। विस्फोट दुर्घटनावश नहीं हुआ, बल्कि आतंकी कृत्य है, जिसका उद्देश्य गंभीर नुकसान पहुंचाना था। कर्नाटक राज्य पुलिस केंद्रीय एजेंसियों के साथ गहनता से जांच कर रही है।
विस्फोट स्थल से मिला फर्जी आधार कार्ड
इस बीच पुलिस सूत्रों ने बताया कि संदिग्ध ने फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर एक मोबाइल सिम कार्ड हासिल किया था, जो विस्फोट स्थल से मिला है। उन्होंने कहा कि वह सिम कार्ड हर जगह इस्तेमाल करता था। सूत्रों ने कहा कि मामले की जांच के लिए पांच टीमों को कोयंबटूर सहित विभिन्न स्थानों पर भेजा गया है।
कोयम्बटूर विस्फोट से भी संदिग्ध के संबंध
पुलिस को संदेह है कि उस व्यक्ति के संबंध उन लोगों से थे, जिन्होंने अक्टूबर में दीपावली से पहले कोयम्बटूर में एक कार विस्फोट किया था। 23 अक्टूबर को कोयम्बटूर में एक मंदिर के बाहर चलती कार में सिलेंडर फटने से एक युवक की झुलसकर मौत हो गई थी। मामले की जांच एनआईए कर रही है। पुलिस सूत्रों को संदेह था कि संदिग्ध आतंकी शिवमोगा का रहने वाला है और कस्बे में आपत्तिजनक भित्तिचित्रों बनाने में शामिल हो सकता है। हाल ही में शिवमोगा से कुछ संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें कुछ युवा भी शामिल थे, जो सोशल मीडिया के माध्यम से आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के संपर्क में थे।
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