'लैंड जिहाद कर रही है कर्नाटक सरकार', भाजपा का आरोप; कहा- असुरक्षित महसूस कर रहे हैं हिंदू
Karnataka भाजपा ने कर्नाटक की सिद्दरमैया सरकार पर बड़ा हमला बोला है। भाजपा ने आरोप लगाया कि कर्नाटक सरकार राज्य में वक्फ बोर्ड के जरिए लैंड जिहाद कर रही है। साथ ही कहा कि कांग्रेस की तुष्टीकरण की राजनीति के कारण हिंदुओं को विभिन्न चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। भाजपा ने मुद्दों पर सीएम से जवाब मांगा है।

आईएएनएस, बेंगलुरु। भाजपा ने सोमवार को आरोप लगाया कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार वक्फ बोर्ड के जरिये राज्य में लैंड जिहाद कर रही है। गरीबों की जमीन जब्त करने का प्रयास किया गया है। कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने इन आरोपों पर मुख्यमंत्री सिद्दरमैया से स्पष्टीकरण मांगा है।
उन्होंने कहा, 'किसान संकट में हैं और हिंदू असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। सरकार को जनता को सटीक जानकारी और स्पष्टीकरण देकर जिम्मेदारी से काम करना चाहिए। राज्य सरकार को बताना चाहिए कि विजयपुरा जिले में मंदिरों और धार्मिक स्थलों को कितने नोटिस जारी किए गए।'
(कर्नाटक के सीएम सिद्दरमैया। File Photo)
भाजपा ने लगाया तुष्टीकरण का आरोप
आर अशोक ने कहा, 'जब से कांग्रेस सरकार सत्ता में आई है, प्रतीत होता है कि कर्नाटक में सरकार एक ही समुदाय को लाभ पहुंचा रही है। कांग्रेस की तुष्टीकरण की राजनीति के कारण हिंदुओं को विभिन्न चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।' अशोक ने कहा, 'राज्य में पाकिस्तान समर्थक नारे लगे हैं। हिदू महिलाओं को लव जिहाद में निशाना बनाया जा रहा है। अब, लैंड जिहाद शुरू हो गया है। विजयपुरा जिले के होनवाद गांव में, वक्फ बोर्ड ने लगभग 12,000 एकड़ जमीन पर दावा किया। जिले में लगभग 15,000 एकड़ जमीन पर दावा किया गया है। राजस्व विभाग ने 139 किसानों को नोटिस जारी किया है।'
उन्होंने आरोप लगाए कि पिछले महीने, वक्फ मंत्री जमीर अहमद खान ने विजयपुरा जिले का दौरा कर भूमि को आधिकारिक रिकॉर्ड में वक्फ संपत्तियों के रूप में दिखाने के मौखिक निर्देश दिए। अशोक ने सरकार को किसानों के गुस्से के परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।
किसानों को जारी नोटिस वापस लिए जाएंगे : मंत्री
विजयपुरा जिले में किसानों की भूमि को वक्फ की संपत्ति बताकर नोटिस जारी किए जाने के बाद राज्य सरकार ने गलती मान ली है। राज्य के कानून मंत्री एचके. पाटिल ने सोमवार को कहा कि किसानों को जारी किए गए नोटिस वापस लिए जाएंगे।
उन्होंने कहा, 'किसानों की जमीन को वक्फ की संपत्ति में परिवर्तित करने का सरकार का कोई इरादा नहीं है। अगर गलती हुई है तो उसे दूर किया जाएगा। इसकी जांच की जानी चाहिए कि गलती क्यों हुई और उसके बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई के बारे में निर्णय लिया जाएगा। जिले के उपायुक्त इस मामले की जांच करेंगे। नोटिस वापस लेने के लिए कार्रवाई शुरू करने में कुछ दिन लगेंगे।'
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