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Bird Strike: एक छोटी-सी चिड़िया बड़ी फ्लाइट के लिए कैसे बन जाती है खतरनाक? इमरजेंसी लैंडिंग की आ जाती है नौबत

कभी सोचा है कि एक छोटी-सी चिड़िया एक बड़ी सी फ्लाइट को कैसे इतना नुकसान पहुंचा सकती है? नौबत ये आ जाती है कि विमान की इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ जाती है। जानकारी के लिए बता दें कि पक्षियों का विमान से टकराना एक आम बात है। इससे विमान को नुकसान पहुंच सकता है और लोगों की जान को भी खतरा होता है।

By Jagran News Edited By: Nidhi Avinash Wed, 19 Jun 2024 05:27 PM (IST)
Bird Strike: एक छोटी-सी चिड़िया बड़ी फ्लाइट के लिए कैसे बन जाती है खतरनाक? इमरजेंसी लैंडिंग की आ जाती है नौबत
एक छोटी-सी चिड़िया बड़ी फ्लाइट के लिए कैसे बन सकता है खतरनाक?

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। Bird Strike: सोमवार (17 जून) देर रात को वर्जिन ऑस्ट्रेलिया की फ्लाइट VA 148 न्यूजीलैंड के क्वीन्सटाउन से मेलबर्न के लिए रवाना हुई थी। उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद बोइंग 737-800 जेट के दाहिने इंजन में तेज धमाका हुआ और आग की लपटें उठने लगी। विमान में उस समय चालक दल के सदस्य समेत 73 यात्री सवार थे। पायलट ने जैसे-तैसे इन्वरकार्गिल हवाई अड्डे पर सुरक्षित आपातकालीन लैंडिंग की। 

पक्षी का विमान से टकराना कितना खतरनाक?

वर्जिन ऑस्ट्रेलिया ने बताया, 'पक्षी के विमान से टकराने' से विमान के इंजन में आग लगी हुई होगी। हालांकि, क्वीन्सटाउन हवाई अड्डे ने पक्षी हमले की संभावना को सिरे से नकार दिया है। उनका कहना है कि उस समय हवाई क्षेत्र में कोई पक्षी नहीं देखा गया था।' जानकारी के लिए बता दें कि पक्षियों का विमान से टकराना एक आम बात है। इससे विमान को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ विमान यात्रियों की जान को भी खतरा होता है।  

पक्षियों का विमान से टकराना आम क्यों?

विमान से पक्षी का टकराना कभी भी ठीक नहीं होता है। भले ही हम ये मानते है कि एक छोटी-सी चिड़िया भले इतने बड़े फ्लाइट को क्या ही नुकसान पहुंचाएगा? हालांकि, ऐसा बिल्कुल नहीं है। एक छोटी-सी चिड़िया अगर फ्लाइट से टकराई तो इससे विमान के इंजन को नुकसान पहुंच सकता है। साथ ही विमान में सवार लोगों के लिए भी मुश्किलें पैदा हो सकती है। 

अब तक कितने पक्षियों की हो गई मौत?

The Conversation की एक रिपोर्ट के अनुसार, विमान से पक्षी टकराने की पहली घटना 1905 में ओहियो में हुई थी। वहीं, पक्षियों के झुंड के विमान से टकराने की सबसे चर्चित घटना 2009 में हुई थी। जब न्यूयॉर्क के लागार्डिया एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद यूएस एयरवेज की फ्लाइट 1549 को प्रवासी कनाडाई गीज के झुंड से टकरा गई थी। पक्षी के टकराने से विमान के दोनों इंजन फेल हो गए थे।  कैप्टन सुली सुलेनबर्गर को हडसन नदी में बिना पावर के विमान को उतारना पड़ा था। 2008 और 2017 के बीच, ऑस्ट्रेलियाई परिवहन सुरक्षा बोर्ड ने 16,626 पक्षियों के टकराने की घटना दर्ज किया है। अमेरिका में, संघीय विमानन प्रशासन ने अकेले 2022 में 17,200 पक्षियों के टकराने की सूचना दी।

पक्षी टकराने से क्या होता हैं?

अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन के अनुसार, 90% पक्षी हवाई अड्डों के पास टकराते हैं। आम तौर पर, यह तब होता है जब विमान उड़ान भर रहे होते हैं या लैंड कर रहे होते हैं, या कम ऊंचाई पर उड़ रहे होते हैं। इन जगहों पर पक्षियों की गतिविधि सबसे अधिक होती है। अगर पक्षी विमान से टकराया तो इंजन बंद हो सकता है।

पक्षियों के टकराने से 262 मौतें

हैरानी की बात यह है कि 1988 से, दुनिया भर में पक्षियों के टकराने से 262 मौतें हुई हैं और 250 विमान नष्ट हो गए हैं। विमान का पक्षियों से टकराना आमतौर पर या तो सुबह या सूर्यास्त के समय होता हैं। इस दौरान पक्षी सबसे अधिक एक्टिव रहते हैं। पायलटों को इस दौरान सतर्क रहने की ट्रेनिंग दी जाती  पक्षियों के झुंड को ट्रैक करने के लिए रडार का उपयोग किया जा सकता है। हालांकि, इसका उपयोग हर जगह नहीं किया जा सकता है।

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