यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 07, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Naxal Attack: नक्सलियों ने भेजी अगवा जवान की तस्वीर, भाई ने कहा- इसपर विश्वास नहीं
बीजापुर मुठभेड़ के बाद अगवा किए गए जवान की तस्वीर नक्सलियों ने जारी की है। नक्सलियो का कहना है कि ...और पढ़ें

सुकमा, जएनएन। बीजापुर मुठभेड़ के बाद अगवा किए गए कोबरा कमांडो का नक्सलियों ने फोटो जारी किया है। शनिवार को घात लगाकर तीन तरफ से किए गए हमले में 22 जवान शहीद हो गए थे, जबकि घायल जवान राकेश्वर सिंह मनहास को नक्सलियों ने अगवा कर लिया था। नक्सलियों का कहना है कि राकेश्वर सिंह पूरी तरह से सुरक्षित है और जब तक सरकार की ओर से मध्यस्थता का निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक वह उनके कब्जे मे रहेंगे।
हालांकि, जवान के भाई ने नक्सलियों द्वारा जारी तस्वीर पर सवाल उठाया है। रणजीत सिंह ने नईदुनिया से बात करते हुए कहा कि उनको इस फोटो पर विश्वास नहीं है। उन्होंने नक्सलियों से राकेश्वर सिंह का वीडियो या ऑडियो भेजने की मांग की है। रणजीत सिंह का कहना है कि इस तरह की तस्वीर उनके मोबाइल में पहले की हो सकती है। वहीं, सीआरपीएफ के सूत्रों ने कहा है कि मीडिया में दिखाई जा रही फोटो कोबरा जवान की ही है।
इससे पहले नक्सलियों ने अगवा जवान को रिहा करने के लिए सरकार के सामने शर्त रखी है। नक्सलियों ने कहा है कि सरकार पहले मध्यस्थ नियुक्त करे, तभी वो जवान की रिहाई करेंगे। नक्सलियों की तरफ से जारी किए गए दो पेज के पर्चे में कहा गया है, 'बीजापुर हमले में 24 सुरक्षाकर्मियों की जान गई, 31 घायल हुए, 1 हिरासत में है। पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी के 4 जवानों की जान चली गई। हम सरकार से बातचीत को तैयार हैं। वे मध्यस्थों की घोषणा कर सकते हैं। हम उसे रिहा कर देंगे।
बता दें कि 21 मार्च 2020 को सुकमा जिले के मिनपा में नक्सलियों ने जवानों पर हमला कर दिया था। इस दौरान 17 जवान शहीद हुए थे। वहीं, 9 अप्रैल 2019 को लोकसभा चुनाव के दौरान नक्सलियों ने दंतेवाड़ा में स्थानीय विधायक भीमा मंडावी के वाहन को विस्फोट में उड़ा दिया था। इस घटना में मंडावी और चार अन्य जवान शहीद हो गए थे।
