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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 23, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

CBI के हाथ लगी बड़ी सफलता, इन 24 स्थानों पर तलाशी के दौरान 2.2 करोड़ रुपये किए जब्त

By Jagran NewsEdited By: Paras Pandey
Published: Thu, 23 Nov 2023 07:04 AM (IST)

सीबीआइ ने एक बड़े साइबर अपराध माड्यूल का पर्दाफाश किया है। इसके जरिए भारत में संचालित एक काल सेंटर से ...और पढ़ें

सीबीआइ ने बड़े साइबर अपराध माड्यूल का पर्दाफाश किया
सीबीआइ ने बड़े साइबर अपराध माड्यूल का पर्दाफाश किया

एजेंसी, नई दिल्ली। सीबीआइ ने एक बड़े साइबर अपराध माड्यूल का पर्दाफाश किया है। इसके जरिए भारत में संचालित एक काल सेंटर से अमेरिका समेत कई देशों के नागरिकों को निशाना बना जा रहा था। उनसे धोखाधड़ी की जा रही थी। सीबीआइ ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और गुजरात सहित 24 स्थानों पर छापेमारी की। इस दौरान 2.2 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए। इस दौरान बड़ी संख्या में डिजिटल सुबूत, संपत्तियों और क्रिप्टोकरेंसी से संबंधित दस्तावेज भी जब्त किए गए। 

अधिकारियों ने बताया कि सुशील सचदेवा और उसके सहयोगियों की ओर से चलाए जाने वाला गिरोह तकनीकी सहायता की साझा देकर भोले-भाले विदेशियों को निशाना बना रहा था। उन्हें ठगने के लिए काल सेंटरों के माध्यम से फोन किए जाते थे। सीबीआइ मामले की जांच कर रही है। कई साइबर अपराधियों पर मामला दर्ज किया गया है।

सीबीआइ के एक प्रवक्ता ने बुधवार को कहा कि सीबीआइ ने सात जुलाई, 2022 को इस आरोप पर मामला दर्ज किया था कि भारत में कई काल सेंटरों ने गुजरात स्थित वीओआइपी कंपनी की सेवाओं का उपयोग अमेरिका के नागरिकों के साथ धोखाधड़ी करते हैं। 

यह आरोप लगाया गया था कि इन साइबर अपराधियों ने वीओआइपी काल के माध्यम से अमेरिकी संघीय अनुदान विभाग, आइआरएस, एसएसए, सीआरए और एटीओ जैसी संस्थाओं का नकल किया। उन्होंने कहा कि ये साइबर अपराधी अमेरिकी संघीय विभागों या एजेंसियों के अधिकारियों के नाम से रोबो और आडियो काल भेजते थे। इसके बाद फीस, जुर्माना या दंड की आड़ में भुगतान के लिए दबाव डालकर पीडि़तों को धोखा देते थे।