पर्यावरण सुधार की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा भारत, भूपेंद्र यादव व जान केरी ने फोन पर की बात
पर्यावरण मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जीवन मंत्र के अनुसार पर्यावरण सुधार के प्रयासों को अमल में लाया जा रहा है। ग्लास्गो में 2021 में हुए अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया को पर्यावरण के लिए जीवन-जीने का तरीका फार्मूला बताया था।

नई दिल्ली, एएनआइ। भारत पर्यावरण सुधार के लिए हुए पेरिस समझौते और और ग्लासगो में लिए गए सीओपी 26 संकल्पों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह बात केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोमवार को कही। मंत्री ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र के पर्यावरण मामलों के दूत जान केरी, भारत और अमेरिका की त्रिपक्षीय वार्ता में पर्यावरण को लेकर कार्रवाई और धन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पर सहमति बनी है। इस प्रक्रिया के तहत पर्यावरण सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उसके होने वाले आर्थिक असर की भरपाई के लिए अमेरिका आर्थिक सहायता मुहैया कराएगा। पेरिस समझौते में इस आशय का प्रविधान है। पर्यावरण मंत्री ने जान केरी से फोन पर बात की। इस दौरान उन्होंने कई मुद्दों पर चर्चा की जिसमें पर्यावरण को लेकर भारत के लक्ष्य का भी जिक्र किया।
यादव ने कहा है कि भारत और अमेरिका के बीच बातचीत से न केवल दोनों देशों का आपसी सहयोग मजबूत होता है बल्कि पूरी दुनिया में संदेश जाता है कि किस प्रकार से विकसित और विकासशील देश पर्यावरण सुधार की दिशा में तालमेल बनाकर चल रहे हैं। पर्यावरण मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जीवन मंत्र के अनुसार पर्यावरण सुधार के प्रयासों को अमल में लाया जा रहा है। ग्लास्गो में 2021 में हुए अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया को पर्यावरण के लिए जीवन-जीने का तरीका फार्मूला बताया था। इसी को उनका पर्यावरण सुधार के लिए दिया गया मंत्र माना जाता है। मोदी ने कहा था कि जीवनशैली में सुधार लाकर हम पर्यावरण में हो रहे बदलावों को रोक सकते हैं। पर्यावरण में सुधार की दिशा में बढ़ सकते हैं।
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