नई दिल्ली, जेएनएन। कोरोना वायरस की देश में दूसरी लहर के नरम पड़ने के संकेत के साथ ही बैंकों ने व्यक्तिगत और कारोबारी उद्देश्यों से लोन लेने वाले ग्राहकों को राहत देने की स्कीम पर काम शुरू कर दिया है। इसके तहत इस महीने की शुरुआत में आरबीआइ की तरफ से घोषित स्कीम के आधार पर 25 करोड़ रुपये तक के लोन लेने वाले ग्राहकों को आसानी से कर्ज चुकाने के लिए ज्यादा समय दिया जा रहा है। साथ ही बैंक ग्राहकों की समस्या और जरूरत को देखते हुए मोरेटोरियम की सुविधा भी दे सकते हैं।

ग्राहकों को दी जा रही योजना की जानकारी

हां, यह पिछले साल सभी को एक साथ मिली मोरेटोरियम जैसी सुविधा नहीं होगी। इस स्कीम के तहत 10 लाख रुपये तक का लोन लेने वाले सभी कर्जदारों के लिए सभी बैंकों की तरफ से एक समान राहत स्कीम लागू की जा रही है। कई बैंकों के बोर्ड ने पिछले कुछ दिनों में इस संबंध में प्रस्ताव पारित कर दिया है और ग्राहकों को स्कीम के बारे में धीरे-धीरे सूचना भेजने का काम शुरू हो गया है।

कर्ज की तीन कटेगरी बनाई

भारतीय बैंक संघ (आइबीए) के अध्यक्ष राजकिरण राय ने बताया कि कर्ज अदायगी में राहत देने के लिए बैंकिंग लोन को तीन वर्गों में चिह्नित किया गया है। 10 लाख रुपये तक के लोन, 10 लाख से 10 करोड़ रुपये तक के लोन और 10 करोड़ से 25 करोड़ रुपये तक के लोन। बैंकों की तरफ से 10 लाख रुपये तक के लोन अकाउंट के लिए समान मानक अपनाया जाएगा। बैंकों ने इस श्रेणी के ग्राहकों की लिस्ट तैयार कर ली है और अब उन्हें सूचना भेजकर पूछा जा रहा है कि वे राहत स्कीम का फायदा उठाने को तैयार हैं या नहीं।

कारोबारियों पर बोझ होगा कम

इस श्रेणी के ग्राहक बैंकों की वेबसाइट पर जाकर या निकटतम शाखा में जाकर स्कीम स्वीकार करने की अपनी सहमति दे सकते हैं। सभी बैंकों में एक जैसा ही फार्म रखा गया है, ताकि ग्राहकों को कोई दिक्कत न हो। कोरोना की दूसरी लहर से आम जनता और छोटे व मझोले कारोबारियों पर आए बोझ को दूर करने में इस कदम से बहुत मदद मिलेगी।

समयबद्ध तरीके से उठाए जाएंगे कदम

एसबीआइ के चेयरमैन दिनेश खारा ने बताया कि नई राहत योजना के तहत ग्राहकों को तीन तरह की सुविधा दी जाएगी। ग्राहकों को कर्ज की अदायगी के लिए ज्यादा समय दिया जा सकता है, उन्हें मोरेटोरियम का फायदा मिल सकता है और भुगतान की नई अवधि तय की जा सकती है।

आवेदन पर 30 दिनों के भीतर लेंगे फैसला

सभी बैंक पर्सनल लोन ग्राहकों के आवेदन पर 30 दिनों के भीतर फैसला करेंगे और 30 सितंबर, 2021 तक इस तरह के सभी खातों पर फैसला हो जाएगा। सभी ग्राहकों को लिखित तौर पर इसकी जानकारी दी जाएगी और ग्राहकों व बैंक के बीच बनी सहमति के आधार पर जो भी रिजोल्यूशन प्लान होगा, उसे 31 दिसंबर, 2021 तक लागू कर दिया जाएगा।

...और घोषणाओं की भी उम्मीद

आइबीए के सीईओ सुनील मेहता ने कहा कि कोरोना महामारी ने देश की इकोनामी या उद्योगों को किस तरह से प्रभावित किया है, इस बारे में अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। अप्रैल तक के हालात को देखकर आरबीआइ ने कुछ फैसले किए थे, जिन्हें बैंक अब लागू कर रहे हैं। मई, 2021 में दूसरी लहर की स्थिति को देख आरबीआइ आने वाले दिनों में कुछ और राहत का एलान कर सकता है।