कोलकाता, ब्यूरो। पहाड़ के तीन दिवसीय दौरे पर गए भारतीय जनता पार्टी के प्रतिनिधि दल पर गुरुवार को दार्जिलिंग में कुछ लोगों ने हमला कर दिया। उन्होंने प्रतिनिधि दल में शामिल पश्चिम बंगाल के भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष के साथ बदसलूकी की और पार्टी के अन्य नेताओं व कार्यकर्ताओं को सड़क पर लात-घूंसों व लाठियों से पीटा। हमलावरों से बचने के लिए घोष को स्थानीय चौक बाजार थाने में शरण लेनी पड़ी।

हमले का आरोप गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (गोजमुमो) के निष्कासित नेता विनय तामांग के समर्थकों पर लगा है। इस घटना के बाद भाजपा प्रतिनिधिदल ने दौरा रद कर दिया। गुरुवार को भाजपा नेताओं पर उस समय हमला हुआ, जब वे विजय दशमी पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने दार्जिलिंग के डीजीएनएस भवन गए थे। वहां बाहरी तत्व भी प्रवेश कर गए। घोष जब मंच पर कार्यक्रम की शुरुआत करने जा रहे थे, उसी समय वे शोर मचाने लगे। हंगामे की स्थिति को देखते हुए घोष अपनी टीम के साथ बाहर निकल गए। उसी समय पीछे से कुछ लोग भाजपा समर्थकों पर टूट पड़े। उन्होंने लात-घूंसों से उनकी पिटाई की, जिसमें पांच लोग जख्मी हो गए।

घोष ने इसके पीछे तृणमूल कांग्रेस का हाथ बताते हुए पुलिस पर मूकदर्शक बने रहने का आरोप लगाया है। वहीं तृणमूल के महासचिव पार्थ चटर्जी ने इसे दार्जिलिंग के लोगों का गुस्सा करार देते हुए राज्य भाजपा पर केंद्र के इशारे पर शांत पहाड़ पर जाकर अशांति फैलाने की कोशिश का आरोप लगाया। इस बीच भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने घोष को फोन करके घटना की जानकारी ली और पहाड़ के हालात पर रिपोर्ट मांगी है।

भाजपा प्रतिनिधि दल पर हमले की खबर मिलते ही पार्टी नेताओं व समर्थकों ने कोलकाता के सेंट्रल एवेन्यू, भद्रेश्वर के जीटी रोड एवं दक्षिण 24 परगना के बारासात डाक बंगला मोड़ समेत विभिन्न जगहों पर विरोध-प्रदर्शन किया। दार्जिलिंग के पुलिस अधीक्षक अखिलेश चतुर्वेदी ने कहा कि भाजपा प्रतिनिधि दल को दार्जिलिंग में सभा करने की अनुमति नहीं दी गई थी। इसके बावजूद सभा की जा रही थी। हालांकि बाहर पुलिस तैनात थी। एफआईआर दर्ज की गई है और हमलावरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।

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Posted By: Tilak Raj

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