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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 19, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'धोखे से मार देते हैं गीदड़ भी शेर को', बाबा सिद्दीकी की हत्या पर बेटे जीशान का एक्स पर पोस्ट

Published: Sat, 19 Oct 2024 07:36 PM (IST)

Baba Siddique Murder Case एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी हत्याकांड को लेकर नए खुलासे जारी हैं। इस बीच उनके बेटे जीशान ...और पढ़ें

स्वर्गीय बाबा सिद्दीकी के साथ उनके बेटे जीशान सिद्दीकी। (File Image)
स्वर्गीय बाबा सिद्दीकी के साथ उनके बेटे जीशान सिद्दीकी। (File Image)

HighLights

  1. जीशान ने सोशल मीडिया में पोस्ट की शायरी।
  2. शुक्रवार को भी पोस्ट से दिया था छुपा हुआ संदेश।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। महाराष्ट्र के हाई प्रोफाइल बाबा सिद्दीकी हत्याकांड को लेकर लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस ने शुक्रवार को हत्या से जुड़े पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए कई आरोपियों का लिंग लॉरेंस गैंग से पाया गया है, लोकिन फिर भी पुलिस कई एंगल से इसकी जांच कर रही है।

इस बीच बाबा सिद्दीकी के बेटे जीशान सिद्दीकी ने शनिवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट की, जिसने हलचल पैदा कर दी है। जीशान सिद्दीकी ने अपनी पोस्ट में शायरी लिखी है, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि वह इशारों-इशारों में किसी को कोई संदेश दे रहे हैं।

'बुजदिल डराया करते हैं दिलेर को...'

जीशान सिद्दीकी ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'बुज़दिल डराया करते है अक्सर दिलेर को, धोखे से मार देते हैं गीदड़ भी शेर को।' उनकी इस पोस्ट के कई मायने निकाले जा रहे हैं और इसे इशारा भी माना जा रहा है।

ऐसे ही जीशान ने शुक्रवार को भी एक छुपा हुआ संदेश शायरी के रूप में पोस्ट किया था, जिसकी काफी चर्चा हुई थी। उन्होंने लिखा था, 'जो कुछ छिपा है वह सोता नहीं, न ही जो कुछ दिखाई देता है वह बोलता है।' जीशान ने इस पोस्ट से भी कुछ मैसेज देने का प्रयास किया था।

जीशान ने आगे लिखा,उन्होंने मेरे पिता को चुप करा दिया। लेकिन वे भूल गए - वे एक शेर थे - और मैं उनकी दहाड़ को अपने भीतर रखता हूं, उनकी लड़ाई मेरी रगों में है। वे न्याय के लिए खड़े हुए, बदलाव के लिए लड़े और अडिग साहस के साथ तूफानों का सामना किया। जीशान ने आगे ये भी कहा, अब, जिन्होंने उन्हें नीचे गिराया, वे यह मानकर मेरी ओर देख रहे हैं कि वे जीत गए हैं, मैं उनसे कहता हूँ: मेरी रगों में शेर का खून बहता है। मैं अभी भी यहाँ हूँ, बेखौफ और अडिग। उन्होंने एक शेर को मार डाला, लेकिन मैं उनकी जगह पर खड़ा हूँ। यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। आज, मैं वहीं खड़ा हूँ जहाँ वे खड़े थे: जीवित, अथक और तैयार।

दशहरा के दिन मारी गई थी गोली

गौरतलब है कि कई सालों तक कांग्रेस में रहे और हाल ही में एनसीपी में शामिल हुए बाबा सिद्दीकी को 12 अक्टूबर को मुंबई में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उन्हें बेटे जीशान के कार्यालय के बाहर गोली मारी गई थी, जहां तीन बदमाशों ने उन पर हमला किया था। मौके पर उन्हें अस्पताल लेकर जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

(Baba Siddique File Image)

हत्या के पीछे लॉरेंस गैंग का हाथ होने का शक जताया जा रहा है, लेकिन पुलिस ऑनर किलिंग और व्यापारिक होड़ होने के पीछे की संभावना से भी इनकार नहीं कर रही है। इस बीच बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में एक और खुलासा हुआ है, जहां पता चला है कि आरोपी स्नैपचैट एप के माध्यम से एक-दूसरे से बात करते थे।