आजादी का अमृत महोत्सव: आंकड़ों की जुबानी जानिए भारत की कहानी, दुनिया के मानचित्र पर हैं इसके खास मायने
वर्षों पहले भारत ने अंग्रेजों को यहां से भगाकर आजादी हासिल की थी। हालांकि इसकी कीमत भारत को विभाजन के जरिए चुकानी पड़ी थी। इस दौरान जमकर हिंसा भी हुई थी जिसमें हजारों की संख्या में लोग मारे गए थे।

नई दिल्ली (आनलाइन डेस्क)। भारत आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। ये वक्त ऐसा है जब भारत लगातार विकास के पथ पर अग्रसर है। एक समय था जब मुग्लों ने भारत पर कब्जा कर राज किया, फिर अंग्रेजों ने धोखे से भारत की जमीन को कब्जा कर इसको अपने अधीन कर लिया। लेकिन, आज का भारत ऐसा नहीं है कि कोई भी इसकी तरफ आंख उठाकर देख सके। आज भारत अपनी रक्षा खुद करने में समर्थ है। आज का बदला भारत दुनिया के मानचित्र पर खास मायने रखता है।
- 1612 पहली बार ईस्ट इंडिया कंपनी ने व्यापार के बहाने भारत आई थी। उस वक्त देश के अधिकतर इलाकों में मुगलों का शासन था। कारोबारी रिश्ते रखने के बहाने ईस्ट इंडिया कंपनी ने धीरे-धीरे पूरे भारत में अपनी जड़े जमा ली थीं।
- 1857 तक अंग्रेजों ने भारत के अधिकतर इलाकों को अपने अधीन कर लिया था।
- 1857 में ही भारत की आजादी के लिए सबसे पहली मशाल मंगल पांडे ने जलाई थी। 1857 के विद्रोह को ही आजादी की पहली लड़ाई मानी जाती है।
- 1857 के विद्रोह को भले ही अंग्रेजों ने बड़ी बेरहमी से कुचल दिया था, लेकिन इसके बाद भी ये चिंगारी इस वक्त तक अंदर ही अंदर पूरे देश में फैल चुकी थी।
- 1857 से 1947 के बीच के 9 दशकों तक देश में छोटे और बड़े विद्रोह और आंदोलन होते गए, जिसके बाद भारत को आजादी मिली।
- इतनी लंबी जंग के बाद जो आजादी देश को मिली उसकी एक बड़ी कीमत देश को विभाजन के रूप में चुकानी पड़ी थी। ये विभाजन केवल पाकिस्तान के रूप में ही नहीं हुआ था बल्कि भारत ने बंगाल को भी पश्चिम पाकिस्तान के रूप में खो दिया था। बाद में पूर्वी पाकिस्तान भी आजाद होकर बांग्लादेश के रूप में एक आजाद राष्ट्र बन गया।
- भारत के विभाजन से पहले देश की कुल आबादी 29.4 करोड़ थी। इसमें 4.3 करोड़ मुस्लिम आबादी थी। मुस्लिम लीग ने इन्हीं मुस्लिम आबादी के नाम पर पाकिस्तान बनाया था।
- मौजूदा समय में भारत और पाकिस्तान के बीच 2897 किमी की सीमा रेखा है जो दोनों को एक दूसरे से अलग करती है।
- आजादी के बाद देश का जो विभाजन हुआ उसके बाद करीब 1.2 करोड़ लोग विस्थापित हुए थे। इस आधार पर इतिहासकार इसको दुनिया का सबसे बड़ा विस्थापन बताते हैं।
- देश के विभाजन के बाद जो हिंसा हुई उसमें 2-10 लाख तक लोग मारे गए थे। हालांकि इतिहासकारों के बीच इसको लेकर हमेशा से ही बहस चलती आई है।
- इतिहासकारों के मुताबिक देश के विभाजन के दौरान जो हिंसा फैली उसमें 75 हजार से 1 लाख तक महिलाओं और युवतियों का बलात्कार और अपहरण हुआ था। ये समय इनके लिए बहुत बुरा था।
- पाकिस्तान और भारत के आजाद होने के बाद दोनों के बीच तीन से अधिक छोटी और बड़ी जंग हो चुकी हैं। इनमें से अधिकतर कश्मीर को लेकर हुई हैं।
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