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    Assam: नाबालिग गर्भवती लड़की की मौत के बाद गरमाई सियासत, गौरव गोगोई ने बाल विवाह अभियान पर CM हिमंता को घेरा

    By AgencyEdited By: Mahen Khanna
    Updated: Fri, 10 Feb 2023 03:57 PM (IST)

    Assam Child Marriage Campaign असम सरकार ने हाल ही में राज्य में बाल विवाह के खिलाफ अभियान चलाया है जिसके बाद इस घटना पर सीएम को कांग्रेस घेर रही है। कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने गर्भवती की मौत के लिए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को दोषी ठहराया है।

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    Assam Child Marriage Campaign गोगोई और सरमा।

    गुवाहाटी, एजेंसी। असम में एक 16 वर्षीय गर्भवती विवाहित लड़की की मृत्यु होने के बाद राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस ने भाजपा पर इस मामले में जमकर हमला किया है। कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने शुक्रवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर राज्य में बाल विवाह के खिलाफ अभियान चलाने के लिए नाराजगी जाहिर की। उन्होंने गर्भवती लड़की की मौत के लिए राज्य सरकार को दोषी ठहराया है।

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    गोगोई ने सरमा को बताया दोषी

    असम के बोंगाईगांव जिले में गर्भवती लड़की की अस्पताल में मौत होने की बात सामने आई है। मामले पर ट्विटर करते हुए गोगोई ने लिखा कि इस मासूम बच्ची की मौत भाजपा के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के कारण हुई है। गोगोई ने कहा कि सरमा के मूर्खतापूर्ण कदम के कारण गर्भवती किशोरियां प्रसव के लिए अस्पतालों में जाने से डर रही हैं। उन्होंने कहा कि बच्चे की मां डर रही है क्योंकि उसके पति को जेल जाना पड़ सकता है।

    बाल विवाह के खिलाफ असम में अभियान

    बता दें कि गुरुवार को ही असम कैबिनेट ने बाल विवाह के खिलाफ अभियान के लिए पुलिस की सराहना की और इसे जारी रखने का निर्देश दिया है। गौरतलब है कि राज्य मंत्रिमंडल ने बाल विवाह के लिए 15 दिनों के भीतर पुनर्वास नीति को अंतिम रूप देने के लिए एक कैबिनेट उप-समिति का भी गठन किया। गुवाहाटी में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया।

    सरकार ने बनाया है ये कानून

    असम की सरमा सरकार ने हाल ही में 14 साल से कम उम्र की लड़कियों से शादी करने वाले लड़कों पर पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके साथ ही जिन लोगों ने 14 से 18 साल की लड़कियों से शादी की है, उसपर बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत केस दर्ज किया जाएगा

    उप-समिति का गठन 

    राज्य मंत्रिमंडल ने बाल विवाह की पीड़ितों के लिए पुनर्वास नीति को अंतिम रूप देने के लिए राज्य के कैबिनेट मंत्री डॉ रानोज पेगू, केशव महंत और अजंता नियोग सहित 3 सदस्यीय कैबिनेट उप-समिति का गठन किया है।कैबिनेट सब-कमेटी द्वारा रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद राज्य सरकार निर्णय लेगी।

    अब तक 2763 लोगों की हुई गिरफ्तारी

    असम पुलिस ने राज्य भर में बाल विवाह से जुड़े मामलों में अब तक 2,763 लोगों को गिरफ्तार किया है। असम पुलिस द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, होजई में 216, नागांव में 184, धुबरी में 183, बक्सा में 158, बारपेटा में 146, बिश्वनाथ में 140, मोरीगांव में 128, बोंगाईगांव में 121, हैलाकांडी में 118, 108 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने राज्य भर में बाल विवाह से संबंधित 4135 मामले दर्ज किए हैं।