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पाकिस्तान और चीन से सीमा पर तनाव के बीच सेना को मिला उन्नत स्वदेशी अर्जुन टैंक, जानें कैसे दुश्‍मन के लिए होगा घातक

पाकिस्तान और चीन के साथ सीमा पर बढ़े तनाव के बीच सेना की ताकत और मजबूत हुई है। सेना को उन्नत श्रेणी के स्वदेशी अर्जुन टैंक एमके-1ए मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को यहां एक कार्यक्रम में सेना को यह टैंक सौंपा।

By Arun kumar SinghEdited By: Published: Sun, 14 Feb 2021 07:47 PM (IST)Updated: Sun, 14 Feb 2021 08:27 PM (IST)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को यहां एक कार्यक्रम में सेना को यह टैंक सौंपा।

चेन्नई, एजेंसियां। पाकिस्तान और चीन के साथ सीमा पर बढ़े तनाव के बीच सेना की ताकत और मजबूत हुई है। सेना को उन्नत श्रेणी के स्वदेशी अर्जुन टैंक एमके-1ए मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को यहां एक कार्यक्रम में सेना को यह टैंक सौंपा। सेना को उन्नत श्रेणी के अर्जुन टैंक एमके-1ए सौंपने के बाद प्रधानमंत्री ने कहा कि यह भारत की एकजुट भावना का प्रतीक भी है, क्योंकि दक्षिण भारत में निर्मित बख्तरबंद वाहन देश की उत्तरी सीमाओं की सुरक्षा करेंगे। सेना प्रमुख जनरल एमएन नरवाने को टैंक के प्रतिकृति मॉडल सौंपने के बाद प्रधानमंत्री ने अत्याधुनिक टैंक की सलामी भी ली। यह टैंक पूरी तरह से स्वदेशी है। इसके डिजाइन से लेकर विकास और मैन्युफैक्चरिंग तक का काम देश में ही किया गया है। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने इसे विकसित किया है। 

भारत के टैंक निर्माण का हब बना तमिलनाडु 

इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा, 'मुझे स्वदेशी रूप से डिजाइन किए गए और बनाए गए अर्जुन मेन बैटल टैंक(एमके-1ए) को सौंपते हुए गर्व है। ये स्वदेशी गोलाबारूद का भी इस्तेमाल करता है। तमिलनाडु पहले ही भारत का ऑटोमोबाइल निर्माण का हब है, अब मैं तमिलनाडु को भारत के टैंक निर्माण के हब के रूप में विकसित होते देख रहा हूं। प्रधानमंत्री ने कहा कि तमिलनाडु में बना टैंक देश को सुरक्षित रखने के लिए उत्तरी सीमाओं की निगरानी करेगा। यह देश की एकता की भावना 'भारत एकता दर्शन' का सही प्रदर्शन है। उन्होंने कहा कि अपनी सेना को दुनिया की सबसे आधुनिक सेना बनाने के लिए हम काम करते रहेंगे। इसके साथ ही रक्षा क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने पर भी तेजी से काम होगा।

खास बातें 

- पीएम मोदी ने चेन्नई में सेना प्रमुख एमएन नरवाने को सौंपा अर्जुन टैंक का मार्क-1ए वर्जन

- सेना के लिए 8,500 करोड़ में खरीदे गए हैं 118 अर्जुन टैंक

- अर्जुन टैंक में 71 बड़े बदलाव के बाद एमके-1ए को किया गया है तैयार 

- यह किसी भी तेजी से लक्ष्य का पीछा कर हमला करने में सक्षम 

- इसकी रात या दिन, हर वक्त, हर मौसम में अपने लक्ष्य पर अचूक लगाने की क्षमता 

- इसमें लगे दमदार ट्रांसमिशन सिस्टम है इसे ज्यादा घातक बनाते हैं

- युद्ध में ज्यादा से ज्यादा दूरी तक दुश्मन के सैन्य साजो-सामानों को ध्वस्त करने की क्षमता 

- इस पर ग्रेनेड और मिसाइलों से हमले का कोई असर नहीं होगा 

- रासायनिक हमले से बचाने के लिए इसमें स्पेशल सेंसर लगाए गए हैं 


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