अमित शाह ने साधा विपक्ष पर निशाना, कहा- सरदार पटेल को लंबे समय तक भारत रत्न से रखा गया वंचित
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर दिल्ली में आयोजित एकता दौड़ को हरी झंडी दिखाई। इस दौरान केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया मनोहर लाल खट्टर नित्यानंद राय और दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना भी मौजूद रहे। अमित शाह ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल की विरासत को मिटाने और कमजोर करने के प्रयास किए गए।

पीटीआई, नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 'राष्ट्रीय एकता दिवस' के अवसर पर दिल्ली में आयोजित 'एकता दौड़' को हरी झंडी दिखाई। इस दौरान केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया, मनोहर लाल खट्टर, नित्यानंद राय और दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना भी मौजूद रहे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल की विरासत को मिटाने और कमजोर करने के प्रयास किए गए और उन्हें लंबे समय तक भारत रत्न से वंचित रखा गया।
रन फॉर यूनिटी को अमित शाह ने दिखाई हरी झंडी
पटेल की जयंती से पहले 'रन फॉर यूनिटी' को हरी झंडी दिखाते हुए उन्होंने कहा कि यह देश के पहले गृह मंत्री की दूरदर्शिता और कुशाग्र बुद्धि के कारण ही था कि 550 से अधिक रियासतों का भारत संघ में विलय हुआ और देश एकजुट हुआ।
#WATCH | Union Home Minister Amit Shah flags off 'Unity Run' organised in Delhi on the occasion of 'National Unity Day'
— ANI (@ANI) October 29, 2024
Union Ministers Mansukh Mandaviya, Manohar Lal Khattar, Nityanand Rai and Delhi LG VK Saxena are also present. pic.twitter.com/n0abMLwElK
शाह ने मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा, सरदार पटेल के कारण ही लक्षद्वीप, जूनागढ़, हैदराबाद और अन्य सभी रियासतों का भारत में विलय हुआ। लेकिन सरदार पटेल की विरासत को मिटाने और कमजोर करने के प्रयास किए गए। उन्हें लंबे समय तक भारत रत्न से भी वंचित रखा गया।
उन्होंने कहा कि हालांकि, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे) ने केवडिया में पटेल की सबसे ऊंची प्रतिमा स्थापित की थी और उन्हें उचित तरीके से सम्मानित किया था।
2047 तक भारत होगा विकसित राष्ट्र- राष्ट्र
सरदार पटेल को 1950 में उनकी मृत्यु के 41 साल बाद 1991 में मरणोपरांत देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया। शाह ने कहा कि देश के लोग अब एकजुट हैं और उन्होंने 2047 तक भारत को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री के सपने को पूरा करने के लिए खुद को समर्पित कर दिया है।
#WATCH | At the 'Unity Run' event organised in Delhi on the occasion of 'National Unity Day', Union Home Minister Amit Shah says, "It is unfortunate that for years attempts were made to forget Sardar Patel. For years he was denied the honour of Bharat Ratna. But the country's… pic.twitter.com/rHVJ7k8S3e
— ANI (@ANI) October 29, 2024
उन्होंने कहा, 2047 तक भारत सभी मापदंडों में दुनिया में अग्रणी देश होगा। गृह मंत्री ने कहा कि 'रन फॉर यूनिटी' आमतौर पर पटेल की जयंती 31 अक्टूबर को आयोजित की जाती है। लेकिन इस साल इसे दो दिन पहले आयोजित किया गया क्योंकि उस दिन दीपावली पड़ रही है।
गृह मंत्री ने कहा, आज धनतेरस है और हम इस शुभ अवसर पर दौड़ का आयोजन कर रहे हैं। मोदी सरकार राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने और मजबूत करने के लिए अपने समर्पण को बढ़ावा देने और सुदृढ़ करने के लिए 2014 से 31 अक्टूबर को 'राष्ट्रीय एकता दिवस' के रूप में मनाती आ रही है।
पटेल का जन्म 31 अक्टूबर, 1875 को गुजरात के नाडियाड में हुआ था।
भारत के पहले गृह मंत्री और उप प्रधानमंत्री के रूप में, पटेल को 550 से अधिक रियासतों को भारत संघ में विलय करने का श्रेय दिया जाता है।
राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह के तहत भारत के एकीकरण में सरदार पटेल के योगदान को याद करते हुए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
पिछले सप्ताह शाह ने घोषणा की थी कि सरकार सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में देश के प्रति उनके महत्वपूर्ण योगदान को सम्मान देने के लिए 2024 से 2026 तक दो वर्ष लंबा राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम आयोजित करेगी।
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