यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 29, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'कारतूस...रायफल वही, वैज्ञानिकों ने सुबह-सुबह कन्फर्म किया', अमित शाह ने बताई ऑपरेशन महादेव के पीछे की कहानी
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में पी. चिदंबरम पर पहलगाम हमले के आतंकियों को लेकर निशाना साधा। शाह ...और पढ़ें

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को संसद में कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम पर जमकर निशाना साधा। चिदंबरम ने पहलगाम हमले के आतंकियों को 'स्थानीय' बताकर और पाकिस्तान से आए होने का सबूत मांगकर विवाद खड़ा कर दिया था।
इस हमले में 26 लोग मारे गए थे। शाह ने कहा कि चिदंबरम का बयान पाकिस्तान को 'क्लीन चिट' देने जैसा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आतंकी हमले के दोषी तीनों आतंकवादी मारे जा चुके हैं, लेकिन विपक्ष इस बात से नाखुश लगता है। इसके साथ ही अमित शाह ने बताया कि पूरी तस्दीक के बाद ही ऑपरेशन महादेव को अंजाम दिया गया।
आतंकी घटनास्थल से मिले कारतूस की बैलिस्टिक रिपोर्ट के आधार पर ही आतंकियों की पुष्टि का आखिरी चरण पूरा हुआ।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, "संशय रखने की कोई जरूरत नहीं है। बैलेस्टिक रिपोर्ट मेरे हाथ में है। और 6 वैज्ञानिकों ने इसकी पुष्टि की है, क्रॉसचेक किया है। सुबह 4 बजकर 46 मिनट पर 6 वैज्ञानिकों ने फोन कर कहा है कि 100 परसेंट वही गोलियां हैं जो वहां चलाई गईं।"
पाकिस्तानी चॉकलेट और हथियारों का सबूत
अमित शाह ने संसद में अपनी बात रखते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना के ज्वाइंट ऑपरेशन में मारे गए तीनों आतंकियों ने ही पहलगाम में खौफनाक हमला किया था। उन्होंने चिदंबरम से सवाल किया, "पाकिस्तान को बचाने से आपको क्या हासिल होगा?"
अमित शाह ने ऑपरेशन की बारीकियां साझा करते हुए बताया कि मारे गए आतंकियों के पास से पाकिस्तान में बनी चॉकलेट मिली। साथ ही, उनके हथियारों की बैलिस्टिक जांच से साबित हो गया कि इन्हीं राइफलों का इस्तेमाल पहलगाम हमले में हुआ था।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, "मैं आज चिदंबरम जी को कहना चाहता हूं और हमारे पास प्रूफ हैं कि वो तीनों पाकिस्तानी थे। तीन में से दो के पाकिस्तानी वोटर नंबर भी हमारे पास उपलब्ध हैं। ये राइफलें भी हैं, उनके पास से जो चॉकलेट मिली है, वो भी पाकिस्तान में बनी है। ये कहते हैं कि वो पाकिस्तानी नहीं थे, इसका मतलब है कि देश का एक पूर्व गृह मंत्री पूरी दुनिया के सामने पाकिस्तान को क्लीनचिट दे रहा है।"
उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष आतंकियों की सिर्फ मजहब देखता है और पाकिस्तान से सवाल करने की हिम्मत नहीं दिखाता। शाह ने चिदंबरम और कांग्रेस पर फिर से 'पाकिस्तान को क्लीन चिट' देने का इल्जाम लगाया और कहा कि अब उनके पास सरकार से सवाल करने का कोई हक नहीं बचा।
'सुबह में वैज्ञानिकों ने कन्फर्म किया'
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, " NIA ने पहले ही इन आतंकियों को आसरा देने वालों को अपनी हिरासत में रखा था। कल चार लोगों ने ये पुष्टि की कि यही तीनों आतंकी हमले के लिए जिम्मेदार हैं। मगर हमने इस पर भी भरोसा नहीं किया, कोई जल्दबाजी नहीं की। हमने आतंकी घटनास्थल से मिले कारतूसों का FSL पहले से करवा लिया था। चंडीगढ़ एफएसएल से मिली बैलेस्टिक रिपोर्ट के आधार पर ये रिपोर्ट तैयार था।
अमित शाह ने आगे कहा, "ये आतंकी जब कल मारे गए तो इनके पास से तीन हथियार- एक एम-9 अमेरिकन राइफल और 2 एके -47 राइफल मिले। जो कारतूस मिले थे वो भी एम-9 और एके -47 राइफल के थे। मगर हम इससे भी संतुष्ट नहीं हुए।"
आतंकियों की पहचान स्थापित करने के लिए उनके पास बरामद तीनों राइफलों को श्रीनगर से विशेष विमान से चंडीगढ़ पहुंचाया गया। और इन राइफलों से पूरी रात फायरिंग करके इसके खोखे जेनरेट किए गए। दोनों खोखों का मिलान किया गया। यानी कि पहलगाम से मिले खोखे और यहां चंडीगढ़ में फायरिंग में निकले खोखे का मिलान किया गया। राइफल की नली और निकले हुए खोखे का भी मिलान हो गया। तब ये तय हो गया कि इन्हीं तीन राइफलों से हमारे निर्दोष नागरिकों की हत्या की गई।"
अमित शाह, केंद्रीय मंत्री
अमित शाह ने कहा कि सुबह 4 बजकर 46 मिनट पर 6 वैज्ञानिकों ने फोन कर कहा है कि 100 परसेंट वही गोलियां हैं जो वहां (पहलगाम हमले के दौरान) चलाई गईं।
यह भी पढ़ें: 'धर्म पता चल गया इसलिए दुखी हो...', लोकसभा में अमित शाह और अखिलेश यादव के बीच जोरदार बहस
