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    American Fighter Jet: क्‍या अमेरिका के लिए बोझ बन गया है F-35 लड़ाकू विमान?

    Updated: Mon, 05 Feb 2024 10:15 PM (IST)

    अमेरिकी F-35 लाइटनिंग II लड़ाकू विमान को दुनिया का सबसे आधुनिक और खतरनाक विमान माना जाता है। अत्याधुनिक तकनीक से लैस पांचवीं पीढ़ी का यह विमान न सिर्फ दुश्मनों के छक्के छुड़ा सकता है बल्कि उन्हें धूल भी चटा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार F-35 को खरीदने चलाने और बनाए रखने में अगले 66 वर्षों में कम से कम $1.7 ट्रिलियन का खर्च आएगा।

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    अमेरिकी F-35 लाइटनिंग II लड़ाकू विमान है दुनिया का सबसे आधुनिक और खतरनाक विमान।

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जब भी लड़ाकू विमानों की बात होती है तो अमेरिकी F-35 लाइटनिंग II लड़ाकू विमान का नाम सभी के जेहन में जरूर आता है। इसे दुनिया का सबसे आधुनिक और खतरनाक विमान माना जाता है। अत्याधुनिक तकनीक से लैस पांचवीं पीढ़ी का यह विमान न सिर्फ दुश्मनों के छक्के छुड़ा सकता है, बल्कि उन्हें धूल भी चटा सकता है। लेकिन इस विमान को लेकर कई नेगेटिव रिपोर्ट भी सामने आती रही हैं। मसलन इसका रखरखाव बेहद महंगा है, या इतना समय बीत जाने और अरबों डॉलर खर्च हो जाने के बाद भी इसका विकास कार्यक्रम अब भी जारी है।

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    लेकिन क्या यह वाकई उतना ही शानदार है, जितना दिखता है? इसकी ताकत और कमजोरियों का असली चेहरा क्या है?

    एक महंगा सपना

    इस कार्यक्रम का उद्देश्य एक ही मंच पर तीनों सेनाओं (वायु सेना, थलसेना और नौसेना) के लिए एक उन्नत लड़ाकू विमान बनाना था, जिससे लागत कम हो सके। लेकिन हकीकत ये है कि F-35 अमेरिकी इतिहास का अब तक का सबसे महंगा हथियार कार्यक्रम बन गया है।

    खर्चे का बोझ

    रिपोर्ट के अनुसार, F-35 को खरीदने, चलाने और बनाए रखने में अगले 66 वर्षों में कम से कम $1.7 ट्रिलियन का खर्च आएगा। इसकी वजह है इसकी ऊंची रखरखाव लागत और विकास में देरी। उदाहरण के लिए, विमान को और उन्नत बनाने के लिए बनाए गए "ब्लॉक 4" कार्यक्रम की लागत पहले $10.6 बिलियन आंकी गई थी, जो अब बढ़कर $16.5 बिलियन हो चुकी है और पूरा होने में भी देरी हो रही है।

    अन्य समस्याएं

    इसके अलावा, F-35 में कई तकनीकी खामियां भी पाई गई हैं, जिनमें इंजन की समस्याएं, स्पेयर पार्ट्स की कमी और पायलट की सीट से जुड़ी खराबी शामिल हैं। इज़राइली वायु सेना ने, 2022 में, पायलट इजेक्शन सिस्टम में समस्या के कारण अपने F-35 बेड़े को उड़ान भरने से प्रतिबंधित कर दिया था। ऐसा अमेरिका के एक नोटिस के बाद किया गया था जिसके अनुसार सीट को बाहर निकालने वाली विस्फोटक चार्ज प्रणाली में गंभीर समस्याएं थीं। कई रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया है कि विमान की मिशन के लिए तैयार रहने की दर भी काफी कम है।

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    विवादित क्षमता

    कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि F-35 हवाई युद्ध के लिए उपयुक्त नहीं है, लेकिन यह दुश्मन के विमानों का पता लगाने में सक्षम है और उन्हें दूर से ही मार गिरा सकता है।

    F-335 की अत्याधुनिक तकनीक प्रभावशाली है, लेकिन इसकी ऊंची लागत और तकनीकी समस्याएं चिंता का विषय हैं। यह देखना होगा कि भविष्य में इस कार्यक्रम में क्या सुधार किए जाते हैं और क्या यह वाकई अपने खर्चे को सही ठहरा पाएगा।

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