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    AAI: 232 करोड़ रुपये के गबन के आरोप में एयरपोर्ट अथॉरिटी का मैनेजर गिरफ्तार, इस तरह से रची साजिश

    By Agency Edited By: Jeet Kumar
    Updated: Sun, 31 Aug 2025 01:00 AM (IST)

    भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआइ) के एक वरिष्ठ प्रबंधक को सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी के 232 करोड़ रुपये से अधिक की राशि गबन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। एएआइ के वरिष्ठ प्रबंधक (वित्त एवं लेखा) राहुल विजय ने देहरादून हवाई अड्डे पर अपनी तैनाती के दौरान तीन वर्षों में फर्जी लेखा प्रविष्टियों के माध्यम से राशि के स्थानांतरण की साजिश रची।

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    232 करोड़ रुपये के गबन के आरोप में एयरपोर्ट अथॉरिटी का मैनेजर गिरफ्तार (सांकतिक तस्वीर)

     पीटीआई, नई दिल्ली। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआइ) के एक वरिष्ठ प्रबंधक को सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी के 232 करोड़ रुपये से अधिक की राशि गबन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। सीबीआइ अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

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     फर्जी लेखा प्रविष्टियों के माध्यम से रची साजिश

    एएआइ के वरिष्ठ प्रबंधक (वित्त एवं लेखा) राहुल विजय ने देहरादून हवाई अड्डे पर अपनी तैनाती के दौरान तीन वर्षों में फर्जी लेखा प्रविष्टियों के माध्यम से राशि के स्थानांतरण की साजिश रची।

    सीबीआइ के प्रवक्ता ने कहा कि विजय ने आधिकारिक और इलेक्ट्रानिक रिकॉर्ड में हेरफेर करके एएआइ फंड की धोखाधड़ी और गबन की एक व्यवस्थित साजिश में भाग लिया।

    इलेक्ट्रानिक रिकॉर्ड में हेराफेरी की

    जांच के दौरान सामने आया है कि 2019-20 से 2022-23 की अवधि में देहरादून हवाई अड्डे पर तैनाती के दौरान आरोपित ने नकली और फर्जी संपत्तियां बनाकर और कुछ संपत्तियों के मूल्यों को बढ़ाकर इलेक्ट्रानिक रिकॉर्ड में हेराफेरी की। यह कदम नियमित जांच से बचने के लिए किया गया।

    बैंक लेन-देन के विश्लेषण में एजेंसी ने पाया कि जमा की गई धनराशि को अभियुक्तों द्वारा व्यापारिक खातों में स्थानांतरित कर दिया गया, जिससे जनता के धन की हेराफेरी हुई।

     प्रारंभिक जांच के लिए एक समिति गठित की

    आंतरिक लेखापरीक्षा में विसंगतियों की पहचान होने के बाद एएआइ ने प्रारंभिक जांच के लिए एक समिति गठित की, जिसने फर्जी लेखा प्रविष्टियों, परिसंपत्ति मुद्रास्फीति और प्राधिकरण के खातों से विजय के व्यक्तिगत खातों में अनधिकृत धन हस्तांतरण के क्रम को उजागर किया।