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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 02, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

इंजन बंद किया गया था या नहीं? अहमदाबाद प्लेन क्रैश के बाद हर एंगल से हो रही जांच; रिक्रिएट हुआ सीन

Published: Wed, 02 Jul 2025 05:31 PM (IST)Updated: Wed, 02 Jul 2025 07:37 PM (IST)

12 जून को अहमदाबाद में एअर इंडिया का विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। दुर्घटना के कारणों की जांच जारी है। ...और पढ़ें

प्लेन के ब्लैक बॉक्स से डेटा डाउनलोड कर लिया गया है (फोटो: पीटीआई)
प्लेन के ब्लैक बॉक्स से डेटा डाउनलोड कर लिया गया है (फोटो: पीटीआई)

HighLights

  1. तीन पायलट ने सिनैरियो को रिक्रिएट किया
  2. ब्लैक बॉक्स से डेटा डाउनलोड किया गया
  3. अगले हफ्ते आ सकती है एएआईबी की रिपोर्ट

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। 12 जून को एअर इंडिया का विमान अहमदाबाद में क्रैश हो गया था। इस प्लेन हादसे की क्या वजह थी, इसकी जांच की जा रही है। प्लेन के ब्लैक बॉक्स से डेटा डाउनलोड कर लिया गया है और अब इसकी जांच चल रही है।

ये भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पायलटों द्वारा किसी इंजन को गलती से बंद तो नहीं कर दिया गया था। जांच में फ्यूल स्विच की स्थिति की देखी जाएगी और मलबे से इसके डेटा का मिलान किया जाएगा। मुंबई में एअर इंडिया के तीन पायलट ने सिनैरियो को रिक्रिएट किया।

पायलट्स ने रिक्रिएट किया सीन

सिमुलेटर में पायलट ने इलेक्ट्रिकल फेलियर को समझने की कोशिश की, जिससे दोनों इंजन में आग लगने की संभावना होती है और प्लेन टेक ऑफ के बाद क्लाइंब नहीं कर पाता। सिमुलेशन में पायलट्स ने एअर इंडिया के विमान के ट्रिम शीट डेटा को दोहराया।

पायलट्स ने एक इंजन फेल होने की स्थिति का भी आकलन किया। इसमें अंडरकैरिज को नीचे छोड़ दिया गया और फ्लैप को पूरी तरह वापस ले लिया गया। इस स्थिति को टेक ऑफ के लिए काफी अनसेफ माना जाता है।

दोनों इंजन के फेल होने की संभावना

  • इसके अलावा एक गलत टेक ऑफ फ्लैप का कन्फिगरेशन भी दोहराया गया, जिससे किसी विमान का एक इंजन पर क्लाइंब करना मुश्किल हो जाता है। टेक ऑफ फ्लैप फ्लाइट के विंग पर लगे एडजस्टेबल सरफेस होते हैं, जिनसे क्लाइंब में मदद मिलती है। इस सारी स्थितियों में भी सिमुलेशन में प्लेन ने एक इंजन के साथ लिफ्ट ले लिया।
  • इनसे स्थितियों से ये समझने की कोशिश की गई कि दोनों इंजन के फेल होने की स्थिति में प्लेन दुर्घटना का शिकार हो सकता है। पायलट्स को 400 फीट से कम ऊंचाई में दोनों इंजन फेलियर की स्थिति के लिए ट्रेनिंग नहीं मिलती है। माना जा रहा है कि जिस ऊंचाई पर एअर इंडिया का प्लेन क्रैश हुआ, वहां दोनों इंजन का फेल होना दुर्घटना की वजह हो सकता है।
  • हालांकि एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो की प्रारंभिक रिपोर्ट अगले हफ्ते आने की संभावना है। एअर इंडिया अपने बेड़े में ड्रीमलाइनर विमान का अधिक संचालन करती है। जाहिर है कि ये रिपोर्ट एयरलाइन के लिए काफी महत्वपूर्ण होगी।

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