कोझिकोड, एजेंसियां। वंदे भारत अभियान के तहत खाड़ी में फंसे भारतीय को वापस ला रहा एयर इंडिया एक्सप्रेस का विमान केरल के कोझिकोड एयरपोर्ट पर हादसे का शिकार हो गया। भारी बारिश के चलते रनवे पर पानी भरा था और लैंडिंग के समय विमान फिसलकर लगभग 50 फीट गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में 17 लोगों की मौत हो गई जिसमें दोनों पायलट शामिल हैं। विमान में कुल 190 लोग सवार थे। 174 लोगों को बचा लिया गया है। हादसे में 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं। कई की हालत नाजुक बनी हुई है। पीएम मोदी ने केरल के मुख्यमंत्री पी. विजयन से बात की और उन्‍हें हर संभव मदद का भरोसा दिया है। 

दो टुकड़े में बंटा प्‍लेन 

एयर इंडिया एक्सप्रेस ने अपने बयान में कहा है कि बोइंग 737 विमान दुबई से कालीकट आ रहा था। कोझिकोड के कारीपुर एयरपोर्ट के टेबलटॉप रनवे संख्या 10 पर शुक्रवार की शाम सात बजकर 41 मिनट पर उतरते हुए हादसे का शिकार हो गया और उसके दो टुकड़े हो गए। पहले हिस्से को ज्यादा नुकसान पहुंचा। 

कैसे हुए हादसा

1- लैंडिंग के दौरान बारिश हो रही थी और रनवे पर पानी भरा था

2- बारिश के चलते रोशनी भी कम थी, जो हादसे की वजह बनी

3- विमान रनवे खत्म होने के बाद आगे बढ़ता गया और खाई में गिर गया

4- विमान के दो टुकड़े हो गए, अगले हिस्से को ज्यादा नुकसान पहुंचा

5- विमान में आग नहीं लगी, जिससे बड़ी संख्या में लोगों की जान बच गई

...नहीं लगी आग अन्‍यथा भयावह होता मंजर 

गनीमत रही कि विमान में आग नहीं लगी जिससे बड़ी संख्या में लोगों की जान बच गई। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के अधिकारियों ने कहा कि हालांकि, सौभाग्य से हादसे के बाद विमान में आग नहीं लगी, नहीं तो जानमाल का ज्यादा नुकसान हो सकता था। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन यानी डीजीसीए ने हादसे की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। विमान के अगले हिस्से को भारी नुकसान पहुंचा है। 

विमान में कौन-कौन थे सवार?

एयर इंडिया एक्सप्रेस के इस विमान में कुल 191 लोग सवार थे। इनमें 174 यात्री, 10 नवजात, दो पायलट और चालक दल के पांच सदस्य शामिल हैं।

डेढ़ घंटे की कड़ी मेहनत और बचाए गए 174 लोग

एयर इंडिया एक्सप्रेस ने बयान जारी कर कहा है कि हादसे में दोनों पायलट कैप्टन दीपक साठे और सह पायलट अखिलेश कुमार की मौत हो गई है। मलप्पुरम जिले के कलेक्टर के. गोपालकृष्णन ने बताया कि घायलों को कोझिकोड और मल्लपुरम के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। करीब डेढ़ घंटे तक चले बचाव कार्य में सभी यात्रियों और सामान को विमान से निकाल गया। 174 लोगों को बचा लिया गया है। 

एयरफोर्स के पूर्व विंग कमांडर थे पायलट साठे 

हादसे में जान गंवाने वाले पायलट कैप्टन दीपक वसंत साठे इंडियन एयरफोर्स के पूर्व विंग कमांडर थे। वह राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) के पूर्व छात्र थे। उन्हें राष्ट्रपति पदक भी प्रदान किया गया था। उन्होंने जून1981 में सोर्ड ऑफ ऑनर के साथ वायुसेना अकादमी को पास किया था। वायुसेना की नौकरी के बाद दीपक ने एयर इंडिया की कॉमर्शियल सर्विसेज जॉइन कर ली थी। दीपक साठे के पिता सेना में ब्रिगेडियर हैं। उन्होंने अपना दूसरा बेटा खोया है। उनके पहले पुत्र कारगिल युद्ध में शहीद हुए थे।

हेल्पलाइन नंबर जारी

हादसे का शिकार हुए एयर इंडिया एक्सप्रेस में सवार लोगों के परिजनों को सूचना मुहैया कराने के लिए भारत, दुबई और शरजाह में कई हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। भारतीय दूतावास ने दुबई में +97156 543903, +971543090572, +971543090571, +971543090575 जारी किया है। शरजाह के लिए हेल्पलाइन नंबर है +97165970303 जबकि विदेश मंत्रालय ने हेल्पलाइन नंबर 1800 118 797, +91 11 23012113, +91 11 23014104, +91 11 23017905 और +91 11 23018158 जारी किए हैं, जो 24 घंटे काम करेंगे।

कम रोशनी भी हादसे की वजह 

बारिश के चलते कम रोशनी भी हादसे की एक वजह बनी। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि कोझिकोड के कारीपुर एयरपोर्ट के रनवे संख्या 10 पर विमान की लैंडिंग के वक्त भारी बारिश हो रही थी। भारी बारिश के चलते दृश्यता करीब दो हजार मीटर ही थी। भारी बारिश के चलते विमान (Air India flight, IX-1344) रनवे से आगे फिसलते चला गया और घाटी में गिरकर दो टुकड़ों में बंट गया।

पीएम मोदी ने केरल के सीएम से की बात 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल के मुख्‍यमंत्री पी. विजयन से इस विमान दुर्घटना के बारे में फोन पर जानकारी ली है। केरल मुख्‍यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी को बताया कि कोझीकोड और मलप्पुरम जिला कलेक्टरों और आइजी अशोक यादव समेत अधिकारियों की टीम हवाई अड्डे पर बचाव अभियान में जुटी हुई है। PM मोदी ने कहा है कि कोझीकोड में हुए विमान हादसे से बहुत आहत हूं। मेरे विचार उन लोगों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया। प्रार्थना करता हूं कि घायल जल्द से जल्द ठीक हो जाएं।  

हादसे की जांच करेगा एएआइबी

नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि एयरक्राफ्ट एक्सिडेंट इंवेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआइबी) इस हादसे की जांच करेगा। पुरी ने ट्वीट कर कहा कि कोझीकोड में हुए हवाई हादसे में बहुत व्यथित हूं। यात्रियों की मदद के लिए हर कोशिश की जा रही है। 

गृहमंत्री शाह ने जताया दुख

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि केरल के कोझीकोड में एयर इंडिया एक्सप्रेस विमान दुर्घटना की जानकारी बेहद दुखद है।  

 

राहत और बचाव कार्य पूरा 

केरल के मुख्यमंत्री विजयन ने मलाप्‍पुरम कलेक्‍टर के हवाले से बताया है कि घटनास्‍थल पर राहत और बचाव कार्य पूरा कर लिया गया है। विमान में सवार सभी घायलों को मलाप्‍पुरम और कोझिकोड के विभिन्‍न अस्‍पतालों में भर्ती कराया गया है। मुख्यमंत्री विजयन ने राहत अभियान में समन्वय के लिए राज्य के मंत्री एसी मोईदीन को तैनात किया था। राहत कार्य पर नजर रखने के लिए आईजी स्तर के एक अधिकारी की भी तैनाती की गई थी। राहत और बचाव कार्य में कोझीकोड और मल्लाप्पुरम जिलों के अग्निशमन और एनडीआरएफ कर्मी लगे थे। 

राष्ट्रपति ने हादसे पर दुख जताया

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने हादसे पर दुख जताया है। उन्‍होंने कहा है कि केरल के कोझिकोड में एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट के दुर्घटनाग्रस्त होने से बेहद दुखी हूं। केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से बात करके स्थिति की जानकारी ली है। प्रभावित यात्रियों, चालक दल के सदस्यों और उनके परिवारों के लिए प्रार्थना करता हूं।   

साल 2010 में हुई थी ऐसी ही घटना 

पिछली घटनाओं पर नजर डाले तो साल 2010 में मैंगलूरू एयरपोर्ट पर भी ऐसा ही हादसा हुआ था जिसमें 158 लोगों की मौत हो गई थी। कारीपुर एयरपोर्ट एक टेबलटॉप रनवे माना जाता है जहां विमान की लैंडिंग कराने वाले पायलटों को खास प्रशिक्षण की जरूरत होती है। यह रनवे काफी ऊंचाई पर है और इसके पास में गहरी खाई है।

क्या है टेबलटॉप रनवे

हादसे की एक और वजह कोझिकोड के रनवे की भौगोलिक स्थिति को माना जा रहा है। यह रनवे टेबलटॉप है। इसका मतलब है कि हवाई पट्टी एक ऐसे ऊंचाई वाले इलाके में स्थित है, जिसके आसपास खाई यानी घाटी है। इसका स्वरूप एक मेज की तरह होता है। टेबलटॉप में रनवे खत्म होने के बाद आगे ज्यादा जगह नहीं होती है। ऐसे में रनवे पर उतरते हुए विमान के आगे निकल जाने का खतरा बढ़ जाता है। हादसा भी ऐसे ही हुआ।

टेबलटॉप रनवे पर लैंडिंग जोखिमभरा

टेबलटॉप रनवे खासे जोखिम वाले होते हैं। लैंडिंग और उड़ान के दौरान काफी सावधानी बरतनी होती है, जिसके कारण पायलट भी काफी दक्ष होना जरूरी होता है। ज्यादातर ऐसे रनवे पठार या पहाड़ के टॉप पर बने होते हैं। कोझिकोड के अतिरिक्त मेंगलुरु (कर्नाटक) और मिजोरम में टेबलटॉप रनवे हैं।

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