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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 08, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

AIMIM ने मांगी इदगाह ग्राउंड में टीपू जयंती मनाने की इजाजत, यहां मनाई गई थी गणेश चतुर्थी

By Sanjeev TiwariEdited By:
Published: Tue, 08 Nov 2022 10:23 AM (IST)

Hubballi Idgah Maidan हुबली ईदगाह मैदान में गणेश चतुर्थी का त्योहार मनाया गया था। अब एआईएमआईएम और दलित संगठन के ...और पढ़ें

हुबली ईदगाह मैदान में टीपू जयंती मनाने की मांगी इजाजत
हुबली ईदगाह मैदान में टीपू जयंती मनाने की मांगी इजाजत

बेंगलुरू, आनलाइन डेस्क। हुबली ईदगाह मैदान में अब एआईएमआईएम कार्यकर्ता इसी ग्राउंड पर 10 नवंबर को टीपू जयंती मनाना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने नगर निगम से इजाजत मांगी है। इस मामले में हुबली-धारवाड़ नगर निगम आयुक्त का कहना है कि वह हितधारकों से बात करने के बाद निर्णय ले सकेंगे। बता दें कि इसी ग्राउंड में गणेश चतुर्थी का त्योहार मनाया गया था।

श्रीराम सेना ने कनकदास जयंती मनाने की मांगी अनुमति

हुबली ईदगाह मैदान में गणेश चतुर्थी मनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी के बाद, दलित संगठनों और एआईएमआईएम ने वहां टीपू जयंती मनाने की अनुमति के लिए नगर निगर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। श्रीराम सेना ने भी ज्ञापन देकर वहां कनकदास जयंती मनाने की अनुमति मांगी है।

इस मामले में नगर निगम आयुक्त ने क्या कहा

नगर निगम आयुक्त गोपाल कृष्ण ने कहा कि उन्हें टीपू जयंती मनाने के लिए अनुरोध मिला है। मगर, इस पर फैसला करने के लिए उन्हें हितधारकों के साथ चर्चा करने की जरूरत है। इसके बाद ही वह कुछ कह सकेंगे।

गणेश चतुर्थी पर हुआ था विवाद

बता दें कि इससे पहले गणेश उत्सव को लेकर विवाद हुआ था। कर्नाटक में हुबली ईदगाह मैदान और बेंगलुरु में चामराजपेट ईदगाह मैदान देशभर में चर्चा में आ गए थे। गणेश चतुर्थी पूजा की अनुमति को लेकर हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक दोनों मामलों में सुनवाई हुई थी। इसके बाद कर्नाटक उच्च न्यायालय ने हुबली ईदगाह मैदान में गणेश चतुर्थी उत्सव आयोजित करने की अनुमति दी थी। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने बेंगलुरु के चामराजपेट ईदगाह मैदान में यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था। यानी यहां गणेश चतुर्थी उत्सव नहीं होना था।