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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 02, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

परीक्षण से गुजर रहे AI को तैनात करने से पहले लेनी होगी मंजूरी, सरकार ने कहा- गैरकानूनी कंटेंट को रोकें

By Agency Edited By: Anurag Gupta
Published: Sat, 02 Mar 2024 11:45 PM (IST)

परीक्षण से गुजर रहे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एआई को तैनात करने से पहले सरकार से मंजूरी लेनी होगी। सरकार ने सोशल ...और पढ़ें

AI को तैनात करने से पहले लेनी होगी मंजूरी (फाइल फोटो)
AI को तैनात करने से पहले लेनी होगी मंजूरी (फाइल फोटो)

HighLights

  1. सरकार ने इंटरनेट मीडिया और अन्य प्लेटफार्मों के लिए जारी किया परामर्श
  2. गैरकानूनी कंटेंट को रोकें, आपराधिक कार्रवाई की दी चेतावनी: सरकार

पीटीआई, नई दिल्ली। परीक्षण से गुजर रहे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एआई (AI) को तैनात करने से पहले सरकार से मंजूरी लेनी होगी। सरकार ने सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफार्मों के लिए परामर्श जारी किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बारे में पूछे गए सवालों पर गूगल के एआई टूल जेमिनी के जवाब से विवाद होने के कुछ दिनों बाद यह परामर्श जारी किया गया है।

इलेक्ट्रानिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने एक मार्च को जारी सलाह में कहा कि परीक्षण से गुजर रहे एआई मॉडल को 'अविश्वसनीयता' का लेबल लगाएं। गैरकानूनी कंटेंट को रोकें। इसका पालन नहीं करने पर आपराधिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

परामर्श में कहा गया है कि किसी भी उल्लंघन के लिए संबंधित प्लेटफार्मों, मध्यस्थों और सक्षम साफ्टवेयर को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। सभी प्लेटफार्मों को सुनिश्चित करना होगा कि यूजर्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल/जेनरेटिव एआई, साफ्टवेयर या एल्गोरिदम का उपयोग किसी भी गैरकानूनी सामग्री को प्रकाशित, प्रसारित, संग्रहीत या अपडेट करने के लिए न करें।

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गौरतलब है कि पीएम मोदी से संबंधित सवाल पर एआई टूल जेमिनी की आपत्तिजनक प्रतिक्रिया को लेकर गूगल को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने चेतावनी दी थी जेमिनी की प्रतिक्रिया आईटी नियमों के साथ ही आपराधिक संहिता के कई प्रविधानों का उल्लंघन है।

केंद्रीय मंत्री ने क्या कुछ कहा?

गूगल ने सफाई में कहा कि जेमिनी परीक्षण के दौर से गुजर रहा है और कंपनी ने इस मुद्दे पर तेजी से काम किया है। इस पर राजीव चंद्रशेखर ने कहा,

मैं सभी प्लेटफार्मों को सलाह देता हूं कि वे इंटरनेट पर किसी भी परीक्षण से गुजर रहे प्लेटफार्म को तैनात करने से पहले उपयोगकर्ताओं को इस बारे में स्पष्ट रूप से बताएं और उनसे सहमति लें। बाद में माफी मांगकर कोई भी जवाबदेही से बच नहीं सकता है।

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AIBA ने की गूगल के खिलाफ कार्रवाई की मांग

ऑल इंडिया बार एसोसिएशन (AIBA) ने पीएम मोदी के बारे में कथित तौर पर गलत जानकारी फैलाने के लिए गूगल के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई करने की शनिवार को मांग की। एक अभ्यावेदन में वरिष्ठ वकील और एआईबीए के अध्यक्ष आदिश अग्रवाल ने दावा किया कि गूगल के एआइ टूल जेमिनी ने प्रधानमंत्री के बारे में गलत जानकारी दी। अग्रवाल ने कहा कि एआईबीए ने गूगल के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को भी लिखा है।