नागपुर। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को यहां राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) मुख्यालय में सरसंघचालक मोहन भागवत से मुलाकात की। केंद्र में भाजपा नीत सरकार के एक साल पूरा होने के बीच उन्होंने संघ प्रमुख से राष्ट्रीय राजनीतिक परिदृश्य पर विचार विमर्श किया।

यद्यपि राजनाथ सिंह ने मुलाकात के बारे में कुछ भी कहने से इंकार कर दिया, लेकिन सूत्रों की मानें तो बंद दरवाजों के भीतर दोनों के बीच करीब दो घंटे की वार्ता के दौरान भूमि विधेयक जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।

राजनाथ के हाल के बयान के परिप्रेक्ष्य में इस बैठक का काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कुछ दिनों पहले उन्होंने कहा था कि अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए सरकार की विधेयक लाने की योजना नहीं है, क्योंकि राज्यसभा में भाजपा बहुमत में नहीं है। इस मुद्दे पर सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करेगी।

संघ प्रमुख के साथ बैठक में किन विषयों पर चर्चा हुई के सवाल पर, वह सिर्फ इतना बोले, 'हमारे नजदीकी संबंध बने रहेंगे।'

एक दशक में नक्सल हिंसा में कमी आई

इस बीच, महाराष्ट्र के पूर्वी विदर्भ क्षेत्र में नक्सल रोधी अभियानों की समीक्षा के बाद गृह मंत्री ने कहा कि सरकार विकास पर जोर देकर इस जटिल मुद्दे का हल करना चाहती है, लेकिन उग्रवादी इस प्रक्रिया में बाधा डाल रहे हैं। राजनाथ ने कहा कि पिछले 10-12 साल में उग्रवाद प्रभावित इलाकों में नक्सल हिंसा में 20-25 फीसद की कमी आई है।

नक्सल समस्या के निपटारे की रणनीति के ब्योरे का खुलासा करने से इंकार करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार एक समन्वित कार्ययोजना पर काम कर रही है। उन्होंने कहा, 'सरकार ने नक्सलवाद की चुनौती स्वीकारी है और प्रतिबंधित माओवादियों से निपटने में सारी सहायता मुहैया करेगी।'

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अब दलितों को जोड़ने में जुटा संघ

Edited By: Kamal Verma