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 जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। संशोधित मोटर वाहन एक्ट के पेनाल्टी वाले प्रावधानों के अलावा पहली सितंबर से कुछ और प्रावधान भी प्रभाव में आ जाएंगे। इनमें ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के लिए राज्य के भीतर कहीं भी आवेदन करने की सुविधा वाले प्रावधान भी शामिल हैं।

63 उपबंध लागू हो जाएंगे
पिछले दिनो सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि पहली सितंबर से संशोधित मोटर वाहन एक्ट के ऐसे 63 उपबंध लागू हो जाएंगे, जिनमें नियम निर्धारित करने की आवश्यकता नहीं है। तब उन्होंने केवल जुर्माने वाले प्रावधानों का जिक्र किया था। जबकि 63 उपबंधों में एक राज्य के भीतर डीएल व आरसी का आवेदन किसी भी आरटीओ में करने तथा इनसे संबंधित नियम राज्यों को स्वयं बनाने की सुविधा देने वाले उपबंध व धाराएं भी शामिल हैं।

 लोगों के लिए ये होंगी सविधाएं
सड़क मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार 1 सिंतबर से किसी राज्य के भीतर नया ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने या पुराने का नवीकरण कराने अथवा नए वाहन का रजिस्ट्रेशन कराने या मौजूदा वाहन का ट्रांसफर करने का आवेदन किसी भी आरटीओ में कराना संभव होगा। अभी इन कार्यो के लिए आवेदक को अपने निवास वाले क्षेत्र के आरटीओ में ही आवेदन करना पड़ता है। परंतु अब दूसरे आरटीओ से आवेदन करने पर भी उसे स्वीकार किया जाएगा। हालांकि फिलहाल ये सुविधा ऑनलाइन नहीं होगी। इसके लिए आरटीओ जाना और कागज पर आवेदन भरकर देना होगा तथा प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी। संशोधित मोटर वाहन एक्ट में इसके लिए पूर्व के कई फार्मो को मिलाकर फार्मो की संख्या कम करने के प्रावधान भी किए गए हैं।

नए एक्‍ट पुराने की जगह लेगा
अधिकारियों के मुताबिक विधिक प्रक्रिया के तहत संसद से मोटर वाहन (संशोधन) एक्ट, 2019 नाम से नया एक्ट अवश्य पारित हुआ है। मगर इसके प्रावधान मौजूदा मोटर वाहन एक्ट 1988 का हिस्सा ही कहलाएंगे। जैसे-जैसे ये प्रावधान लागू होते जाएंगे, इन्हें मोटर एक्ट 1988 में शामिल किया जाता रहेगा और अंतत: अगले वर्ष तक सभी नए प्रावधान एक्ट के पुराने प्रावधानों की जगह ले लेंगे।

 

Posted By: Arun Kumar Singh

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