विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 18, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Electoral Bonds Case: राजनीतिक दलों को दिए गए चुनावी चंदे में सबसे अधिक एक करोड़ और दस लाख के बॉन्ड, ADR की रिपोर्ट में कई खुलासे

Published: Mon, 18 Mar 2024 10:57 PM (IST)Updated: Tue, 19 Mar 2024 12:09 AM (IST)

रिपोर्ट के मुताबिक राजनीतिक दलों को दिए गए कुल बॉन्ड में से 12207 बॉन्ड एक करोड़ रुपए के और 5366 ...और पढ़ें

Electoral Bonds Case: राजनीतिक दलों को दिए गए चुनावी चंदे में सबसे अधिक एक करोड़ और दस लाख के बॉन्ड
Electoral Bonds Case: राजनीतिक दलों को दिए गए चुनावी चंदे में सबसे अधिक एक करोड़ और दस लाख के बॉन्ड

HighLights

  1. एडीआर ने राजनीतिक दलों को दिए गए चंदों का ब्यौरा जारी किया
  2. कुल बॉन्डों में 12207 बॉन्ड एक करोड़ के थे, जबकि 5366 बॉन्ड थे दस लाख के
  3. कुल चार राजनीतिक दलो को इस दौरान मिले एक हजार के भी बॉन्ड

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। राजनीतिक दलों को मिले चुनावी चंदे पर मचे घमासान के बीच एडीआर (एसोसिएशन आफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म) ने इलेक्टोरल बॉन्ड को लेकर एक और बड़ा खुलासा किया है। जिसमें बताया है कि इस चंदे की बड़ी राशि राजनीतिक दलों को एक करोड़ और दस लाख के बॉन्ड के रूप में दी गई है। जबकि यह बॉन्ड इससे छोटी राशि के भी यानी एक लाख, दस हजार व एक हजार के भी थे।

राजनीतिक दलों को चुनावी चंदे

रिपोर्ट के मुताबिक, राजनीतिक दलों को दिए गए कुल बॉन्ड में से 12207 बॉन्ड एक करोड़ रुपए के और 5366 बॉन्ड दस लाख की कीमत के थे। एडीआर ने इलेक्ट्रोरल बॉन्ड को लेकर जारी अपनी रिपोर्ट में बताया है कि राजनीतिक दलों को चुनावी चंदे के रूप में अप्रैल 2019 से 15 फरवरी 2024 के बीच कुल 22217 इलेक्ट्रोरल बॉन्ड दिए गए। जो 12769 करोड़ की कीमत के थे।

कांग्रेस को पांच और बीआरएस को नौ बॉन्ड

इस दौरान दिए गए एक करोड़ के कुल बॉन्ड 12207 थे, जिनकी कीमत 12207 करोड़ थी। वहीं दस लाख की कीमत के कुल बॉन्ड 5366 थे, जिनकी कीमत 536 करोड़ थी। रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान सिर्फ चार दल ऐसे थे, जिन्हें एक हजार रुपए की कीमत के भी बॉन्ड मिले है। इनमें भाजपा को 31 बॉन्ड, तृणमूल को 14, कांग्रेस को पांच और बीआरएस को नौ बॉन्ड एक-एक हजार के मिले है।

यह भी पढ़ें: Electoral Bonds Number: चंदे का खुलासा होने की संभावना से 'इंडिया इंक' चिंतित, इस बात का सता रहा सबसे ज्यादा डर