मुंबई, जेएनएन। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के कर्मचारियों के लिए अच्‍छी खबर है। महाराष्‍ट्र सरकार ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को मंजूरी दे दी है आखिरकार इसमें बीएमसी के कर्मचारियों को भी शामिल करने पर सरकार राजी हो गई है। बताया जा रहा है कि इस महीने सारी औपचारिकताएं पूरी ली जाएंगी और बीएमसी के कर्चचारियों को बढ़ा हुआ वेतन फरवरी 2019 से मिलने लगेगा।

हालांकि महाराष्‍ट्र सरकार द्वारा सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के कार्यान्वयन के लिए कार्य योजना तैयार करना अभी बाकी है। अगर बीएमसी द्वारा सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को अमल में लाया जाता है, तो लगभग 1.05 लाख कर्मचारी और 1.35 लाख पेंशनभोगी इससे लाभान्वित होंगे।

बताया जा रहा है कि बीएमसी प्रशासन 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों पर बातचीत करने और पारस्परिक रूप से तय शर्तों को प्रभावी करने के लिए इस सप्ताह विभिन्न कर्मचारी यूनियनों से मिलेगा। खबरों के मुताबिक, बीएमसी ने पहले ही अपने प्रमुखों और सहायक आयुक्तों को नगर निगम के कर्मचारियों का डाटा एकत्र करने का निर्देश दे दिया है। इसके साथ ही बीएमसी प्रशासन ने 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों पर कर्मचारी संघों के साथ चर्चा करने के लिए बीस सूत्री एजेंडा बनाया है। बीएमसी के उप नगर आयुक्त (सामान्य प्रशासन) सुधीर नाइक ने बताया कि डाटा सुव्‍यवस्थित करने के लिए प्रत्येक विभाग ने काम के घंटे तय किए हैं।

इधर विभिन्न बीएमसी कर्मचारी यूनियनों ने भी अपनी तैयारी पूरी कर ली है। यूनियनों ने अपनी मांगों की सूची तैयार कर ली है। बीएमसी इंजीनियर्स यूनियन के जनरल सेक्रेटरी साईंनाथ उपाध्याय ने बताया कि हमने बैठक के दौरान प्रशासन के समक्ष रखी जाने वाली मांग के पांच बिंदु तैयार किए हैं। इनमें बायोमेट्रिक अटेंडेंस के लिए आधार को अनिवार्य नहीं करना, वेतन आयोग की सिफारिश को तत्काल लागू करना और स्वास्थ्य बीमा के अलावा हमारी कुछ अन्य मांगें हैं।

Posted By: Tilak Raj

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