कांकेर, जेएनएन। छत्तीसगढ़ के पखांजूर में बीएसएफ के 28 जवान फूड प्वाइजनिंग के शिकार हो गए। इन जवानों को देर रात अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां सभी जवानों की स्थिति खतरे से बाहर है। जानकारी के अनुसार, पखांजूर क्षेत्र के संगम स्थित बीएसएफ के 175वीं बटालियन कैंप के जवानों को शनिवार रात भोजन करने के बाद अचानक उल्टी और पेट में जलन होने लगी। देर रात पखांजूर सिविल अस्पताल में पीड़ित 28 जवानों को भर्ती कराया गया, जहां सभी का उपचार चल रहा है। कोरोना वायरस के संक्रमण से जूझ रहे बीएसएफ के जवानों को भोजन में हुई लापरवाही के चलते फूड प्वाइजनिंग का शिकार होना पड़ा है। यह लापरवाही कई सवाल खड़े कर रही है।

इलाज के बाद जवानों की स्थिति सामान्य

खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. डीके सिन्हा ने बताया कि इलाज के बाद सभी 28 जवानों की स्थिति सामान्य है। पखांजूर अस्पताल में सभी जवान अभी भर्ती हैं और उनका उपचार जारी है। दूसरी ओर फूड प्वाइजनिंग कैसे हुआ, इसकी जांच के लिए बीएसएफ ने एक जांच समिति बनाई है। जांच दल ने बीएसएफ जवानों द्वारा रात में किए गए भोजन के सैंपल जांच के लिए रायपुर भेज दिया है। साथ ही पखांजूर सिविल अस्पताल में जवानों की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किया गया है।

गलत खान-पान से होता है फूड प्वाइजनिंग

फूड पॉइजनिंग का प्रमुख कारण गलत खान-पान है। कच्ची सब्जियां, अधपका मांस, कच्चा दूध या उससे बनी चीजें हैं जिसके कारण फूड प्वाइजनिंग होता है। बैक्टीरिया और वायरस फूड पॉइजनिंग के मुख्य कारक हैं। 

फूड प्वाइजनिंग के लक्षण

फूड प्वाइजनिंग के लक्षणों के बारे में बात करें तो पेट दर्द, जी मिचलाना, दस्त, बुखार और शरीर में दर्द के लक्षण दिख सकते हैं। इसमें न सिर्फ पेट मरोड़ के साथ दर्द करता है, बल्कि डायरिया, उल्टी आदि की समस्याएं नजर आने लगती हैं। इस दौरान पेट फूला-सा महसूस होता या लगातार पेट दर्द के साथ उल्टियां होती हैं। ज्यादातर फूड प्वाइजनिंग में पेट के संक्रमण के लक्षण दिखाई देते हैं।

Posted By: Dhyanendra Singh

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