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    1993 Train Bomb Blast: टुंडा को बरी करने के फैसले को SC में चुनौती देगी CBI, छह ट्रेनों में हुआ था ब्लास्ट

    By Agency Edited By: Anurag Gupta
    Updated: Fri, 01 Mar 2024 08:32 PM (IST)

    केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) 1993 के सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले में अजमेर की टाडा अदालत द्वारा आतंकी अब्दुल करीम टुंडा को बरी किये जाने के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी।एजेंसी के अधिकारियों ने बताया कि वह फैसले का अध्ययन कर रहे हैं और जल्द ही सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर करेंगे। 1993 में हुए सिलसिलेवार धमाके में दो लोगों की मौत हुई थी।

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    टाडा अदालत ने अब्दुल करीम टुंडा को किया बरी (फोटो: एएफपी)

    पीटीआई, नई दिल्ली। केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) 1993 के सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले में अजमेर की टाडा अदालत द्वारा आतंकी अब्दुल करीम टुंडा को बरी किये जाने के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी।

    अब्दुल करीम टुंडा बरी

    एजेंसी ने कहा कि मामले में अबतक 12 लोगों को दोषी ठहराया गया है, जिनमें इरफान और हमीर-उल-उद्दीन भी शामिल हैं, जिन्हें गुरुवार को टाडा अदालत के न्यायाधीश महावीर प्रसाद गुप्ता ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई और अब्दुल करीम टुंडा को बरी कर दिया।

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    यह भी पढ़ें: अब्दुल करीम उर्फ टुंडा बरी, 1993 सीरियल बम धमाकों के मामले में टाडा कोर्ट ने सुनाया फैसला

    एजेंसी के अधिकारियों ने बताया कि वह फैसले का अध्ययन कर रहे हैं और जल्द ही सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर करेंगे।

    क्या है पूरा मामला?

    साल 1993 में पांच-छह दिसंबर की मध्यरात्रि लखनऊ, कानपुर, हैदराबाद, सूरत और मुंबई में राजधानी एक्सप्रेस सहित लंबी दूरी की छह ट्रेनों में सिलसिलेवार धमाके हुए थे। धमाकों में दो लोगों की मौत हुई थी, जबकि 22 अन्य घायल हुए थे।

    CBI ने क्या कुछ कहा?

    सीबीआई प्रवक्ता ने शुक्रवार को कहा कि जांच में सामने आया था कि विभिन्न आरोपितों ने विवादित ढांचा विध्वंश की पहली बरसी पर देश के विभिन्न हिस्सों में दौड़ रहीं प्रतिष्ठित ट्रेनों में बम धमाकों जैसे आतंकी कृत्यों को अंजाम देने की साजिश रची थी।

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