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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 29, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

1993 मुंबई ब्लास्ट के दोषी याकूब मेमन को दी गई फांसी

By Sachin kEdited By:
Published: Wed, 29 Jul 2015 10:58 PM (IST)Updated: Thu, 30 Jul 2015 10:18 AM (IST)

मुंबई सीरियल ब्लास्ट के गुनहगार याकूब मेमन को सुबह साढ़े छह बजे नागपुर केंद्रीय कारागार में फांसी दे दी गई। ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। मुंबई सीरियल ब्लास्ट के गुनहगार याकूब मेमन को सुबह साढ़े छह बजे नागपुर केंद्रीय कारागार में फांसी दे दी गई। याकूब को फांसी देने के समय जेल सुपरीटेंडेंट, दो कांस्टेबल, डीआईजी, सीएमओ वहां मौजूद रहे। सुबह 7:01 मिनट के बाद याकूब को मृत घोषित कर दिया गया। फिलहाल उसका पोस्टमार्टम किया जा रहा है। याकूब के परिजन भी जेल पहुंच गए हैं।

इससे पहले याकूब को नए कपड़े पहनाए गए। इसके बाद उसने नमाज अदा की। इसके बाद उसे फांसी घर तक ले जाया गया। जेल के पास धारा 144 लगा दी गई है। याकूब की फांसी के मद्देनजर मुंबई में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। याकूब के शव को परिजनों को देने के बारे में फैसला राज्य सरकार 8:30 बजे तक करेगी। याकूब को फांसी दिए जाने पर कुछ देर बाद राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस विधानसभा में बयान देंगे।

पढ़ें: याकूब की फांसी के खिलाफ SC में रातभर चली ऐतिहासिक सुनवाई

इससे पूर्व सुप्रीम कोर्ट ने देर रात चली सुनवाई के बाद उसकी नई याचिका भी सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी। इस याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट बुधवार को रात में ढाई बजे खुला और बृहस्पतिवार तड़के पांच बजे कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। कल देर रात एक बार फिर से याकूब के वकीलों ने उसको बचाने के लिए एक नया दांव खेलते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। करीब तीन घंटे चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने इसको खारिज कर दिया।

अटोर्नी जनरल ने इस याचिका का विरोध करते हुए कहा कि याकूब की तरफ से हर बार याचिका में एक नया तथ्य लाया जा रहा है, यह सिर्फ मामले को लंबा खींचने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने इसको खारिज करने की अपील की जिसको कोर्ट ने मान लिया। इसके बाद कोर्ट का आदेश नागपुर जेल भेज दिया गया जहां याकूब को फांसी दे दी गई।

सुबह 3:45 बजे जागा और 7:01 बजे मृत घोषित हुआ याकूब

राष्ट्रपति द्वारा दया याचिका खारिज होने के बाद याकूब के परिजनों को रात में उससे मिलने की इजाजत दे दी गई। इससे पहले उसके भाई सुलेमान मेमन व अन्य परिजनों ने दिन में भी नागपुर जेल में उससे मुलाकात की। मेमन परिवार के सदस्य मुंबई से यहां पहुंचे थे। सूत्रों के अनुसार उन्होंने फांसी के बाद याकूब का शव उन्हें सौंपने की मांग की है।

कुछ याद उन्हें भी कर लो, जो लौट के घर न आए

पिछले 10 साल में 1303 को सजा, सिर्फ तीन को फांसी

-14 अगस्त 2004 : धनंजय चटर्जी को कोलकाता में रेप और हत्या के जुर्म में
-21 नवंबर 2012 : 26/ 11 मुंबई हमले के दोषी अजमल कसाब को
-9 फरवरी 2013 : संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु को

पढ़ेंः मुझे पता है कि मैं मरने वाला हूं

क्या याकूब को भी जेल परिसर में दफनाया जाएगा