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    IIT Bombay: आईआईटी बॉम्बे में क्लास को लेकर लिया गया बड़ा फैसला, इस वर्ष नहीं होंगे फेस टू फेस लेक्चर

    By Rishi SonwalEdited By:
    Updated: Thu, 25 Jun 2020 01:23 PM (IST)

    IIT Bombay इस वर्ष आईआईटी बॉम्बे में होने वाले फेस टू फेस सभी लेक्चर को रद्द कर दिया गया है।

    IIT Bombay: आईआईटी बॉम्बे में क्लास को लेकर लिया गया बड़ा फैसला, इस वर्ष नहीं होंगे फेस टू फेस लेक्चर

    IIT Bombay: देश में कोविड-19 (कोरोना वायरस) का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। लाख कोशिशों के बावजूद संक्रमण नहीं थम रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, बॉम्बे (IIT Bombay) ने इंस्टीट्यूट में होने लेक्चर को लेकर बड़ा फैसला लिया है। इस वर्ष आईआईटी बॉम्बे में होने वाले फेस टू फेस सभी लेक्चर को रद्द कर दिया  गया है। इस प्रकार वर्ष 2020 के अंत तक आईआईटी बॉम्बे में फेस टू फेस लेक्चर नहीं होंगे। आईआईटी बॉम्बे ऐसा करने वाला देश में पहला संसथान बन गया है। इसकी जानकारी आईआईटी बॉम्बे के निदेशक प्रो शुभाशीष चौधरी ने एक फेसबुक पोस्ट के माध्यम से दी है।

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    प्रो शुभाशीष चौधरी ने बताया कि यह निर्णय लम्बे विचार-विमर्श करने के बाद लिया गया है। ताकि छात्रों की सुरक्षा पर कोई समझौता न हो। आईआईटी बॉम्बे के लिए छात्र पहली प्राथमिकता हैं। बताया कि भारत में सबसे पहले कदम उठाते हुए हमने यह निर्णय लिया है कि अगले सेमेस्टर को पूरी तरह से ऑनलाइन माध्यम से संचालित जाएगा। जिससे छात्रों की पढ़ाई भी बाधित नहीं होंगी और उनकी सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाएगा।

    बता दें कि आईआईटी बॉम्बे में स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए जुलाई माह में सेमेस्टर शुरू होने वाले हैं। प्रो शुभाशीष चौधरी ने बताया कि हमारे संस्थान में छात्रों का एक बड़ा वर्ग आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं। उन्हें ऑनलाइन क्लासेज के लिए लैपटॉप, इंटरनेट आदि की जरूरत होगी। ऐसे छात्रों की सहायता के लिए लगभग 5 करोड़ रूपये की आवश्यकता होगी। हम नहीं चाहते कि एक भी छात्र आर्थिक कमी के कारण क्लास अटेंड न कर सके। प्रो चौधरी ने इन गरीब छात्रों की मदद के लिए डोनेशन की अपील की है। उन्होंने बताया कि पूर्व छात्रों ने भी अच्छी मात्रा में सहायता की है, लेकिन यह इन सभी जरूरतमंद छात्रों के लिए पर्याप्त नहीं है। चौदरी ने बताया है कि हम उज्जवल युवा दिमागों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं, ताकि उन्हें किसी प्रकार की अड़चन न आए।