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    IAS Success Story: रिश्तेदार को देखकर जागी आईएएस बनने की इच्छा, ये रैंक हासिल कर इस लड़की ने पूरा किया सपना

    IAS Success Story महज 22 साल की उम्र में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा क्रैक करने वाली स्वाति राजस्थान की से ताल्लुक रखती हैं। उन्होंने अपनी पढ़ाई अजमेर से ही पूरी की है। वहीं स्वाति की मां चाहती थीं कि वे डॉक्टर बनें।

    By Nandini DubeyEdited By: Nandini DubeyUpdated: Thu, 20 Apr 2023 03:40 PM (IST)
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    IAS Success Story: राजस्थान की स्वाति मीणा 22 साल की उम्र में बनीं IAS, जानें उनकी कहानी

     एजुकेशन डेस्क। IAS Success Story: आईएएस सक्सेस स्टोरी कॉलम में हर दिन हम यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों की कहानियां बताते हैं। कैसे इन अभ्यर्थियों ने दिन-रात एक करके सफलता पाई। एग्जाम के दौरान इनकी रणनीति क्या थी। इस दौरान उन्हें कौन-कौन सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इसी क्रम में आज हम एक ऐसी युवती के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने रिश्तेदार को देखकर मन में IAS बनने की इच्छा पाली थी। इसके बाद दिन-रात कड़ी मेहनत करने के बाद उन्होंने अपने सपने को पूरा कर लिया था। इस लड़की का नाम है स्वाति मीणा। स्वाति सिर्फ 22 साल की उम्र में आईएएस बन गई थीं। आइए जानते हैं उनकी कहानी।

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    मां चाहती थीं कि डॉक्टर बनें स्वाति

    महज 22 साल की उम्र में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा क्रैक करने वाली स्वाति राजस्थान की से ताल्लुक रखती हैं। उन्होंने अपनी पढ़ाई अजमेर से ही पूरी की है। वहीं, स्वाति की मां चाहती थीं कि वे डॉक्टर बनें। 

    ऐसे जागी IAS बनने की इच्छा

    स्वाति जब आठवीं क्लास में पढ़ रही थीं। इसी दौरान की बात है, एक दिन उनके घर एक रिश्तेदार आए थे और वे अधिकारी थे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, स्वाति के पिता अधिकारी से बेहद प्रभावित हुए थे। पापा के चेहरे पर खुशी देखकर स्वाति ने इस बारे में उनसे पूछा और सिविल सेवा में जाने का इच्छा जताई।

    शुरू की UPSC की तैयारी

    मीणा ने जब पढ़ाई पूरी कर ली तो उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। इस दौरान

    उनके पिता ने उनका फुल सपोर्ट किया था।

    पूरा हुआ सपना

    पूरी तैयारी के साथ स्वाति मैदान में उतरीं। साल 2007 में उन्होंने सिविल सेवा की परीक्षा दी थी और उन्होंने 260 रैंक प्राप्त की। इस रैंक के साथ उन्हें आईएएस सेवा मिली। इस तरह उनका सपना पूरा हो गया।

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