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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Hindi Diwas Speech 2024: हिंदी दिवस के लिए यहां से तैयार करें बेहतरीन भाषण, कार्यक्रम में बज उठेंगी तालियां

Published: Thu, 12 Sep 2024 03:59 PM (IST)Updated: Fri, 13 Sep 2024 03:38 PM (IST)

14 सितंबर को देश के साथ ही विदेश में भी राष्ट्रीय हिंदी दिवस (National Hindi Day) के रूप में सेलिब्रेट ...और पढ़ें

Hindi Diwas Speech 2024 यहां से करें तैयार।
Hindi Diwas Speech 2024 यहां से करें तैयार।

एजुकेशन डेस्क, नई दिल्ली। हमारे देश में प्रतिवर्ष 14 सितंबर को राष्ट्रीय हिंदी दिवस (National Hindi Day) के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है। देश के साथ ही विदेश में रहने वाले लोग भी इस दिन को इकठ्ठा होकर बड़े ही हर्षो-उल्लास के साथ मनाते हैं। इस दिन स्कूल/ कॉलेज, दफ्तरों के साथ ही जगह-जगह पर भी प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि का आयोजन किया जाता है।

अगर आप भी ऐसे किसी कार्यक्रम में शामिल होकर हिंदी दिवस पर भाषण (Hindi Diwas Speech 2024) देना चाहते हैं तो यह पेज आपके लिए बेहद उपयोगी है। आप यहां से एक अच्छे भाषण को तैयार करके कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकते हैं।

Hindi Diwas Speech in Hindi 2024: हिंदी दिवस पर भाषण

नमस्कार, कार्यक्रम में उपस्थित सभी माननीय लोगों/ अतिथिगण/ स्टूडेंट्स को हिंदी दिवस की शुभकामनायें। हम सभी आज यहां पर हिंदी दिवस मनाने के लिए एकत्र हुए हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि इसकी शुरुआत कब हुई। आपको बताते चलें कि देश की आजादी के बाद हिंदी भाषा (देवनागरी लिपि) को भारत संविधान सभा द्वारा 14 सितंबर 1949 को देश की आधिकारिक भाषा के रूप मान्यता मिली। इस दिन मान्यता मिलने के चलते प्रतिवर्ष इस दिन को राष्ट्रीय हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है।

हिंदी भाषा के बारे में कहा जाता है कि यह लोगों को एक दूसरे से जोड़ने का काम करती है। यह भाषा अपने से बड़े या छोटों को अन्य सभी भाषाओं से ज्यादा मान-सम्मान प्रदान करती है। वर्तमान समय में भारत से विश्व में भर में 60 करोड़ लोग इस भाषा को अपनी बोलचाल के लिए इस्तेमाल करते हैं और इसमें लगातार प्रगति भी हो रही है।

ताजा आंकड़ों के अनुसार हिंदी भाषा विश्वभर में वर्तमान समय में तीसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। हिंदी भाषा का नंबर अंग्रेजी एवं चीनी भाषा मंदारिन के बाद तीसरे नंबर पर आता है।

कुछ समय से देखा गया है कि लोग इस भाषा से ज्यादा अंग्रेजी को प्रायोरिटी दे रहे हैं, अपने बच्चों को हिंदी से दूर कर रहे हैं। ऐसे में मैं यही सन्देश देना चाहता हूं कि नई भाषा सीखना कोई पाप नहीं है, लेकिन इसके साथ ही अपनी मातृभाषा को अपने बच्चों से दूर मत कीजिये। उन्हें अन्य भाषाएं सीखने के साथ ही हिंदी के महत्व, संस्कृति एवं विरासत के बारे में जानकारी दें। आने वाली पीढ़ी को हिंदी भाषा के ज्यादा से ज्यादा उपयोग के लिए प्रेरित करें ताकि हमारी भाषा का ज्यादा से ज्यादा विकास हो सके।

अंत में मैं एक कविता से अपने शब्दों को विराम देना चाहता हूं-

  • हर भारतीय की शान है हिंदी
  • हर भारतीय की जान है हिंदी
  • हर भारतीय को एक सूत्र में पिरोया,
  • ऐसा अटूट धागा है हिंदी। धन्यवाद

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