Budget 2025: पीएम रिसर्च फेलोशिप के संबंध में बजट में हुआ ये एलान, जानें इस स्कीम के बारे में सब कुछ
वित्त मंत्री की ओर से जारी किए गए भाषण में शिक्षा जगह से जुड़े कई अहम एलान किए गए हैं। इसके तहत मेडिकल कॉलेजों और आईआईटी संस्थानों में सीटे बढ़ाने की जानकारी दी गई है। साथ ही रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए अगले 5 सालों में 10 हजार पीएम रिसर्च फेलोशिप देने का एलान किया गया है। इस बारे में सोशल मीडिया पर पोस्ट भी शेयर किया गया है।

एजुकेशन डेस्क, नई दिल्ली। देश का आम बजट आज, 1 फरवरी, 2025 को पेश किया जा चुका है। इस बजट में पीएम रिसर्च फेलोशिप के बारे में भी अहम घोषणा की गई है। इसके तहत, कहा गया है कि अगले 5 सालों में 10 हजार नई पीएम रिसर्च फेलोशिप दी जाएगी। यह Fellowship केवल, आईआईटीऔर आईआईएससी जैसे संस्थानों के स्टूडेंट्स को रिसर्च के लिए दी जाएगी। बता दें कि, इस योजना के तहत शोधार्थियों को प्रत्येक वर्ष स्टूडेंट्स को फेलोशिप दी जाती है। आधिकारिक वेबसाइट https://www.pmrf.in/ पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, चयनित कैंडिडेट्स को पांच साल तक मदद की जाती है। वहीं, चयनित प्रत्येक वर्ष 2 लाख और पांच वर्षों के लिए 10 लाख रुपये तक की रिसर्च ग्रांट के लिए पात्र हो जाता है।
PM Research Fellowship Scheme 2025: पीएम रिसर्च फेलोशिप के तहत पांच सालों में मिलेगी ये धनराशि
- पहले साल में 75,000 रुपये प्रति महीने दिए जाते हैं।
- दूसरे साल में 75,000 रुपये प्रति महीने दिए जाते हैं।
- तीसरे साल में 75,000 रुपये प्रति महीने दिए जाते हैं।
- चौथे साल में 80,000 रुपये प्रति महीने दिए जाते हैं।
- पांचवें साल में 80,000 रुपये प्रति महीने दिए जाते हैं।
मिनिस्ट्री ऑफ फाइनेंस की ओर इस संबंध में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी शेयर किया गया है, जिसे कैंडिडेट्स नीचे देख सकते हैं।
PM Research Fellowship
— Ministry of Finance (@FinMinIndia) February 1, 2025
👉10,000 fellowships to be provided under the PM Research Fellowship scheme in next five years, for technological research in IITs and IISc.#ViksitBharatBudget2025 #Budget2025 #UnionBudget2025 pic.twitter.com/NL7RPetIwW
Budget 2025: यूजीसी अध्यक्ष जगदीश कुमार ने बजट पर दी ये जानकारी
यूजीसी अध्यक्ष जगदीश कुमार की ओर से कहा गया है कि, आम बजट 2025-26 में केंद्रीय विश्वविद्यालयों को 16,146.11 करोड़ आवंटित किए गए हैं, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष में यह धनराशि15,538.23 करोड़ रुपये थी।
इस साल बजट में हुई यह वृद्धि, इन संस्थानों को अपने बुनियादी ढांचे को और बढ़ाने और रिसर्च को बेहतर बनाने के साथ-साथ देश भर में छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए मदद करेंगे। इसके अलावा, भारतनेट प्रोजेक्ट के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के सभी गवर्नमेंट सेकंडरी स्कूलों में ब्रॉडबैंड यानी कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जाएगी।
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