Stock Market Closing Bell 11 July: शुरुआती गिरावट के बाद संभला बाजार, लाल निशान पर बंद हुए निफ्टी और सेंसेक्स
Stock Market Closing Bell 11 July एशियाई बाजार में जारी उथल-पुथल का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखाई दिया। सोमवार को बाजार खुलते ही ज्यादातर शेयरों में गिरावट देखी गई लेकिन बाद में बाजार में कुछ सुधार आया।

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। सोमवार को शुरुआती कारोबार में लड़खड़ाया बाजार बाद में संभल गया और इसमें कुछ तेजी देखने को मिली, हालांकि सेंसेक्स और निफ्टी, दोनों आज लाल निशान पर बंद हुए। सोमवार को कारोबार बंद होते समय निफ्टी 4 अंक गिरकर 16,216 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स में 86 अंकों की गिरावट आई और यह 54,395 के स्तर पर था। बता दें कि सोमवार को कारोबार की शुरुआत होते ही बाजार एकदम से नीचे गिर गया था। सोमवार सुबह कारोबार शुरू होने पर निफ्टी 16,136 पर था, जबकि सेंसेक्स लगभग 300 अंकों की गिरावट के साथ 54,248 पर शुरू हुआ। बीता सप्ताह शेयर बाजार के लिए काफी अच्छा था। पिछले हफ्ते कारोबार बंद होने पर सेंसेक्स 303 अंकों की तेजी की साथ 54,481 पर बंद हुआ था, वहीं निफ्टी भी 87 अंक ऊपर चढ़कर 16,220 पर बंद हुआ।
ये शेयर हैं टॉप गेनेर्स
सोमवार को जिन शेयरों के दाम सबसे अधिक बढ़े, उनमें आइशर मोटर्स, ओएनजीसी, टाटा स्टील, एम एंड एम और डॉक्टर रेड्डी थे। सोमवार कारोबार शुरू होने पर डॉक्टर रेड्डी के शेयरों में सबसे अधिक उछाल देखी गई।
ये शेयर हैं टॉप लूजर्स
टीसीएस द्वारा शुक्रवार को जारी पिछली तिमाही के परिणाम का असर आज भी आईटी शेयरों पर देखा गया। सोमवार को कारोबार में ज्यादातर आईटी इंडेस्क लाल निशान पर बंद हुए। उधर अदानी समूह द्वारा टेलीकॉम सेक्टर में उतरने की खबरों के बाद भारती एयरटेल के शेयर भी गिरे। सोमवार को कारोबार बंद होते समय भारती एयरटेल, टीसीएस, एचसीएल टेक, बीपीसीएल और इन्फोसिस लिमिटेड के शयरों में सबसे अधिक गिरावट आई।
रिकॉर्ड स्तर तक गिरा रुपया
बढ़ते डॉलर सूचकांक और आर्थिक चिंताओं के कारण सोमवार को अमेरिकी डॉलर (USD) के मुकाबले रुपया (INR) 79.43 के न्यूनतम स्तर तक गिर गया। आज दिन भर निवेशक सेफ-हेवन के रूप में ग्रीनबैक का पक्ष लेते रहे। सुबह के शुरुआती सौदों में भारतीय रुपया 79.30 पर खुला और 79.37 के अपने पिछले रिकॉर्ड निचले स्तर को तोड़ते हुए आगे बढ़ गया। बता दें कि शुक्रवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 79.26 के सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंच गया था। अगर अमेरिकी डॉलर के लिए निवेशकों का आकर्षण बना रहा तो भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 80 के स्तर तक जा सकता है।
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