Stock Market at Record High: सेंसेक्स पहली बार 65000 के पार; निफ्टी भी नए सर्वकालिक उच्चतम स्तर पर
Stock Market at Record High भारतीय शेयर बाजार ने आज नई छलांग लगाते हुए अपने सर्वोच्च को छू लिया। आज बाजार में जमकर कारोबार हो रहा है। सभी सेक्टोरल सूचकांक हरे रंग में कारोबार कर रहे है। मेटल और पीएसयू बैंक सूचकांक लगभग 1 प्रतिशत ऊपर हैं। एचडीएफसी बैंक एचडीएफसी मझगांव डॉक इंफोसिस और एमएंडएम एनएसई पर सबसे सक्रिय शेयरों में से हैं।

मुंबई, बिजनेस डेस्क। भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन बेहद खास है। बेंचमार्क इक्विटी सूचकांकों में सोमवार को तेजी जारी रही। वैश्विक बाजार में तेजी के रुझान और विदेशी फंड प्रवाह के कारण बीएसई सेंसेक्स पहली बार 65,000 अंक के स्तर को पार कर गया।
लगातार चौथे दिन तेजी के साथ 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 449.46 अंक उछलकर 65,168.02 के अपने सर्वकालिक शिखर पर पहुंच गया। एनएसई निफ्टी 128.95 अंक चढ़कर 19,318 के अपने जीवनकाल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।
टॉप गेनर्स और लूजर्स
सेंसेक्स पैक से, एचडीएफसी, एचडीएफसी बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाटा स्टील, बजाज फाइनेंस, भारतीय स्टेट बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, बजाज फिनसर्व और आईसीआईसीआई बैंक प्रमुख लाभ में रहे। पावर ग्रिड, मारुति, टेक महिंद्रा, इंडसइंड बैंक, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और एक्सिस बैंक पिछड़ गए।
दुनिया के बाजारों का हाल
एशियाई बाजारों में सियोल, टोक्यो, शंघाई और हांगकांग हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। शुक्रवार को अमेरिकी बाजार काफी बढ़त पर बंद हुए। वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 0.01 प्रतिशत गिरकर 75.41 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। एक्सचेंज डेटा के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 6,397.13 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदी।
वित्त मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था लागू होने के बाद से चौथी बार जीएसटी संग्रह 1.60 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया, जो जून में 12 प्रतिशत बढ़कर 1.61 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया।
नई ऊंचाइयों पर बाजार
बीएसई बेंचमार्क शुक्रवार को 803.14 अंक या 1.26 प्रतिशत उछलकर अपने जीवनकाल के उच्चतम स्तर 64,718.56 पर बंद हुआ था। निफ्टी 216.95 अंक या 1.14 प्रतिशत चढ़कर 19,189.05 की रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुआ। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा कि
वैश्विक शेयर बाजारों में चल रही रैली मुख्य रूप से अमेरिकी अर्थव्यवस्था की आश्चर्यजनक और अप्रत्याशित ताकत (2023 की पहली तिमाही में 2 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि) से प्रेरित है। 2023 के मध्य तक अमेरिकी मंदी की आशंका गलत साबित हुई है और बाजार अब 2022 में हावी रहे अत्यधिक निराशावादी दृष्टिकोण की भरपाई कर रहे हैं।
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