नई दिल्ली, ब्रांड डेस्क। अपने पैसे का निवेश हर प्रोफेशनल के लिए एक महत्वपूर्ण विषय है। आज से कुछ सालों पहले तक युवा निवेश के लिए रियल एस्टेट व गोल्ड जैसे ट्रेडिशनल तरीकों पर ही केंद्रित थे। जानकारी के अभाव में अधिकतर युवा शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करने से कतराते थे। हालांकि पिछले कुछ सालों में ये सोच बदली है और अब शेयर मार्केट में निवेश को लेकर युवाओं की रुचि काफी बढ़ गयी है। शेयर मार्केट में इन्वेस्टमेंट से अच्छा रिटर्न पाने के लिए जरूरी है एक अच्छा पोर्टफोलियो बनाना। जिसके लिए कुछ बातों को ध्यान में रखना बेहद जरूरी है।

क्या होता है पोर्टफोलियो

एक पोर्टफोलियो, किसी निवेशक द्वारा किये गये सभी निवेशों का संग्रह होता है। मान लीजिये आपने 10 कम्पनियों के शेयर खरीदे हैं। ऐसे में आपने किस कम्पनी में कितने पैसे लगाये हैं, उनका पूरा संग्रह या कलेक्शन आपका पोर्टफोलियो कहलाएगा। इसके द्वारा आप अपने इन्वेस्टमेंट की पूरी सूची को देख सकते हैं, साथ ही यहां पर आपको आपके पूरे निवेश पर होने वाले लाभ व हानि का भी पूरा ब्यौरा मिल जाता है।

कैसे बनाएं अच्छा पोर्टफोलियो

अच्छा पोर्टफोलियो आपको शेयर मार्केट में आने वाले उतार चढ़ाव से बचाते हुए एक अच्छा रिटर्न प्रदान करता है। इस वजह से अपने पोर्टफोलियो का निर्माण हर निवेशक के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। एक अच्छे पोर्टफोलियो के बारे में एक कहावत काफी लोकप्रिय है कि Don’t put all your eggs in one basket. यानी कि कभी भी हमें अपना सारा पैसा किसी एक कम्पनी के शेयर में नहीं डालना चाहिये, फिर चाहे वो कम्पनी आपको कितना ही अच्छा रिटर्न क्यों न दें। शेयर मार्केट में आए दिन उतार चढाव आते रहते हैं। ऐसे में अगर आप एक ही सेक्टर की कम्पनी या एक ही कम्पनी में अपने पैसे डालते हैं तो उस सेक्टर में किसी भी कारण से आने वाली गिरावट पर आपको भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। ऐसे में आपको एक डायवर्स पोर्टफोलियो बनाना चाहिए।

डायवर्स पोर्टफोलियो से कम होता है रिस्क

मान लेते हैं आपने ऑटो सेक्टर की अच्छी कम्पनियों में निवेश कर रखा है और आपको रिटर्न भी अच्छा मिल रहा है। ऐसे में किन्हीं कारणों से ऑटो सेक्टर में मंदी आ जाती है तो आपके सभी शेयर्स की वैल्यू गिर जाएगी व आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है। ऐसे में जरूरी है कि आप अपनी इन्वेस्टमेंट को किसी एक सेक्टर की जगह पर कई सारे सेक्टर में करें। इससे इकोनॉमी के एक सेक्टर में आने वाली हलचल से आप बच जाएंगे। यानी कि अगर ऑटो सेक्टर नीचे जाता है तो भी अन्य सेक्टर आपको नुकसान से बचा सकेंगे। शेयर मार्केट में शेयरों की संख्या से ज्यादा सेक्टर्स व कम्पनियों की संख्या ज्यादा महत्वपूर्ण होती है।

समय-समय पर पोर्टफोलियो में करते रहें परिवर्तन

साल में एक या दो बार अपने पोर्टफोलियो को बैलेंस करते रहें। अक्सर ऐसा देखा गया है कि हमारे पोर्टफोलियो में कुछ शेयर्स उम्मीद से अच्छा रिटर्न देते हैं तो वहीं कुछ ऐसे शेयर्स भी होते हैं जो उम्मीद से कम रिटर्न देते हैं। ऐसे में अपने टार्गेट के अनुसार अपने पोर्टफोलियो को साल में एक या दो बार जरूर बैलेंस करते रहें। इसमें आपको सही समय पर अपने शेयर्स को बेचना, उन्हें खरीदना व ऐवरेजिंग करना जानना होगा।

रिटर्न और रिस्क लेने की क्षमता

एक पोर्टफोलियो बनाने में आपके रिटर्न और रिस्क लेने की क्षमता का अच्छा बैलेंस होना बेहद जरूरी है। अगर आप लॉन्ग टर्म निवेश और लो रिस्क के लिए निवेश कर रहे हैं तो आपके पोर्टफोलियो का बड़ा हिस्सा Bonds और Mutual Funds होना चाहिये। वहीं अगर आप हाई रिस्क के लिए जा रहे हैं तो आप अपने पोर्टफोलियो का बड़ा हिस्सा इक्विटी स्टॉक्स में निवेश कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त आप स्टॉक्स में भी अपनी रिस्क लेने की क्षमता के अनुसार लार्ज कैप, स्मॉल कैप व पेनी स्टॉक्स में निवेश कर सकते हैं।

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Edited By: Siddharth Priyadarshi

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