मुंबई, एएनआइ। महाराष्ट्र में कृष्ण जन्माष्टमी पर दही हांडी उत्सव बहुत हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है जिसमें गोविंदाओं की टोली बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेती है। ऐसे में कई बार हादसे भी हो जाते हैं। ऐसा ही एक हादसा पुणे में भी हुआ यहां दही-हांडी समारोह के दौरान मंच गिर गया हालांकि इससे हताहत होने या किसी प्रकार की क्षति होने की कोई सूचना नही है ।

 

गौरतलब है कि मुंबई से ही आयी एक अन्य खबर में कृष्ण जन्माष्टमी पर दही-हांडी उत्सव के दौरान एक गोविंदा घायल गंभीर रूप से हो गया था। बाद में उसकी मुबंई के सियान अस्पताल में मौत हो गई। जब वह पिरामिड के पहले स्तर पर था तो गिर गया। पुलिस का कहना है कि उसकी मौत मिर्गी के दौरे के कारण हुई है। उधर, कृष्ण जन्माष्टमी पर मुंबई में दही-हांडी उत्सव के दौरान दोपहर दो बजे तक 36 गोविंदा घायल हो गए हैं।  

लड़कों का ग्रुप मैदान, सड़क या कम्पाउंड में एकत्रित होता है और एक पिरामिड बनाकर जमीन से 20-30 फुट ऊंचाई पर लटकी मिट्टी की मटकी को तोड़ते हैं। महाराष्ट्र, गुजरात और द्वारका में दही हांडी की प्रथा काफी प्रसिद्ध है, जहां मटकी को दही, घी, बादाम और सूखे मेवे से भरकर लटकाया जाता है। लड़के ऊपर लटकी मटकी को फोड़ते हैं और अन्य लोग लोकगीतों और भजनों पर नाचते-गाते हैं। 9 लेयर में नीचे-ऊपर तकएक पिरामिड बनाते हैं और हांडी को तोडऩे के लिए 3 मौके दिए जाते हैं। पुरस्कार के रूप में प्रतिभागियों को रुपए दिये जाते हैं।   

Posted By: Babita