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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 01, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पिता के जनाजे में भी नहीं आया जाकिर नाइक

By Bhupendra SinghEdited By:
Published: Tue, 01 Nov 2016 04:28 AM (IST)Updated: Tue, 01 Nov 2016 05:45 AM (IST)

कई गंभीर आरोपों से घिरा विवादित इस्लामी उपदेशक डॉ. जाकिर नाइक गिरफ्तारी के डर से पिता के जनाजे में भी शामिल होने नहीं आया।

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राज्य ब्यूरो, मुंबई। कई गंभीर आरोपों से घिरा विवादित इस्लामी उपदेशक डॉ. जाकिर नाइक गिरफ्तारी के डर से पिता के जनाजे में भी शामिल होने नहीं आया। उसके पिता डॉ. अब्दुल करीम नाइक का रविवार सुबह मुंबई में इंतकाल हो गया।
डॉ. अब्दुल करीम नाइक पेशे से डॉक्टर थे। वह बॉम्बे साइकियाट्रिक सोसायटी के अध्यक्ष भी रह चुके थे। पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे। उन्हें मुंबई के प्रिंस अली खान अस्पताल में भर्ती किया गया था। रविवार तड़के 3.30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उसी दिन उन्हें सिपुर्दे खाक भी कर दिया गया। जनाजे में करीब 1500 लोग पहुंचे। बेटा जाकिर इसमें शामिल नहीं हुआ। जाकिर पर कुछ आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। केंद्र सरकार उसके संगठन इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन पर प्रतिबंध की तैयारी कर रही है। जाकिर के समर्थकों का कहना है कि पिता की अचानक मृत्यु के कारण वह जनाजे में शामिल नहीं हो सका लेकिन जल्दी ही भारत आकर पिता को श्रद्धांजलि देगा।
जाकिर इन दिनों मलेशिया में है। कुछ माह पहले बांग्लादेश के एक रेस्तरां में हुए आतंकी हमले के बाद वह तब चर्चा में आया था, जब हमलावरों में से एक के जाकिर से प्रभावित होने की बात सामने आई थी। उसके बाद भारत सरकार ने महाराष्ट्र को पीस टीवी पर प्रसारित होने वाले जाकिर के भाषणों की जांच करने को कहा था।

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