यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 16, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मुंबई में मुस्लिम मतदाताओं की दिखी अलग तस्वीर, वक्फ बिल पर बनी जेपीसी के चेयरमैन का दिल खोलकर किया स्वागत
Maharashtra Election 2024 महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में वक्फ संशोधन बिल को एक मुद्दे की तरह पेश किया जा रहा ...और पढ़ें

HighLights
- अंधेरी पूर्व के भंगारवाड़ी क्षेत्र में प्रचार करने पहुंचे जगदंबिका पाल का मुस्लिमों ने किया जबर्दस्त स्वागत।
- यहां पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोंडा, बस्ती, सिद्धार्थनगर और डुमरियागंज के मुस्लिमों की है बहुत बड़ी संख्या।
राज्य ब्यूरो, मुंबई। वक्फ संशोधन विधेयक 2024 को लेकर ऐसा कहा जा रहा है कि मुस्लिमों में काफी विरोध है। महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में तो इस विधेयक को एक मुद्दे की तरह पेश किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह विधेयक पास हुआ तो मुस्लिमों की मस्जिदें और बहुत सारे अधिकार छीन लिए जाएंगे।
हालांकि, इन सब गहमागहमी के बीच जब वक्फ संशोधन विधेयक पर विचार के लिए बनी संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) अध्यक्ष जगदंबिका पाल महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ गठबंधन महायुति के प्रचार के लिए पहुंचते हैं तो वहां आम मुसलमान उनका जबर्दस्त स्वागत करते दिखाई देते हैं।
पूर्वी यूपी के निवासी हैं अधिकतर परिवार
मुंबई के अंधेरी (पूर्व) का भंगारवाड़ी क्षेत्र मुस्लिम आबादी की बहुलता वाला क्षेत्र है। इस क्षेत्र से महायुति के उम्मीदवार के रूप में शिवसेना के टिकट पर पूर्व सभासद मुरजी पटेल चुनाव लड़ रहे हैं। इस क्षेत्र में रहने वाले मुस्लिम ज्यादातर भंगार, यानी कबाड़ की खरीद-फरोख्त का काम करते हैं। इनमें से अधिसंख्य परिवार पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोंडा, बस्ती, सिद्धार्थनगर, डुमरियागंज आदि जिलों के मूल निवासी हैं।
यही स्थिति मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के चुनाव क्षेत्र कोपरी-पांचपाखड़ी के पडवलनगर अथवा मुंबई के अणुशक्तिनगर, मानखुर्द-शिवाजीनगर या कई और क्षेत्रों की भी है, जहां बड़ी संख्या में पूर्वी उत्तर प्रदेश के मुस्लिम परिवार रहते हैं। वे मतदान में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 के अंतर्गत अंधेरी पूर्वी विधानसभा के महायुति प्रत्याशी श्री मुरजी पटेल (काका) जी के समर्थन में उत्तर भारतीयों को संबोधित किया व सभी से विकसित अंधेरी पूर्वी के निर्माण हेतु आगामी 20 नवंबर को अधिकाधिक मतदान कर महायुति प्रत्याशी को भारी से भारी मतों.. pic.twitter.com/IzDj9dXKft
— Jagdambika Pal (@jagdambikapalmp) November 16, 2024
पार्टी ने सौंपी अहम जिम्मेदारी
भीषण ध्रुवीकरण की ओर जाते दिख रहे इस विधानसभा चुनाव में इसी 'निर्णायक भूमिका' को महायुति के उम्मीदवारों के पक्ष में मोड़ने की जिम्मेदारी भाजपा ने डुमरियागंज के सांसद जगदंबिका पाल को सौंपी है, क्योंकि उनके संसदीय क्षेत्र से उन्हें चौथी बार जिताने में बड़ी भूमिका मुस्लिम मतदाताओं की रही है।
वह जब मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का चुनाव प्रचार करने पड़वलनगर पहुंचते हैं तो यही मुस्लिम मतदाता जोरदार नारेबाजी कर उनका स्वागत करते दिखाई देते हैं। पाल भी अपने भाषण में अपने गांव-घर से संबंध रखने वाले इन मुस्लिम मतदाताओं को आश्वस्त करते हैं कि वे उत्तर प्रदेश में तो उनके हितों का संरक्षण कर ही रहे हैं, यहां भी जब-जब जरूरत पड़ेगी, वह उनके साथ मुख्यमंत्री निवास तक चलने के लिए सदैव हाजिर रहेंगे।
'आम मुसलमान को वक्फ संशोधन विधेयक से कोई शिकायत नहीं'
इसी प्रचार अभियान के दौरान एक सभा से दूसरी सभा तक जाने के बीच दैनिक जागरण से बात करते हुए जगदंबिका पाल कहते हैं कि आम मुसलमान को सरकार या वक्फ संशोधन विधेयक से कोई शिकायत नहीं है। वह केंद्र एवं महाराष्ट्र सरकार द्वारा किए जा रहे कामों से संतुष्ट है। क्या भाजपा की ओर से दिए जा रहे 'बटेंगे तो कटेंगे' या 'एक हैं तो सेफ हैं' जैसे नारों से मुस्लिम वर्ग का प्रतिध्रुवीकरण नहीं होगा, इस पर जगदंबिका पाल कहते हैं कि आज पूरी दुनिया में भारत की एकता के कारण ही उसकी ताकत बढ़ रही है। पुतिन से लेकर बाइडन और ट्रंप तक प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ कर रहे हैं।
