'अंदाजा भी नहीं था...', एकनाथ शिंदे से मुलाकात में टाइगर श्रॉफ ने क्या-क्या बताया?
टाइगर श्रॉफ पर जानलेवा हमले के प्रयास के बाद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उनसे मुलाकात की। टाइगर ने बिश्नोई गैंग ...और पढ़ें

टाइगर श्रॉप ने शिंदे को क्या क्या बताया? (फोटो- ANI)

समय कम है?
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डिजिटल डेस्क, मुंबई। टाइगर श्रॉफ पर की गई जानलेवा हमले की कोशिश के बाद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उनसे मुलाकात की है। इस दौरान टाइगर श्रॉफ ने बताया कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी और न ही कोई धमकी मिली थी, लिहाजा बिश्नोई गैंग से नाम जोड़े जाने पर वे खुद हैरान हैं, क्योंकि उन्हें इस बात का अंदाजा भी नहीं था।
वहीं, डिप्टी सीएम शिंदे ने सुरक्षा बढ़ाने का आश्वासन दिया और 90 के दशक की तर्ज पर आपराधिक गिरोहों को जड़ से उखाड़ फेंकने का एलान करते हुए कहा कि मुंबई में गैंगवार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और गोली का जवाब गोली से दिया जाएगा।
शिंदे ने मुंबई पुलिस कमिश्नर देवेन भारती और अभिनेता के पिता जैकी श्रॉफ से बात की और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
फुटबॉल खेलने के बाद प्रशंसकों के साथ खिंचवाते हैं तस्वीरें
मुलाकात के दौरान श्रॉफ ने शिंदे को बताया कि वे आमतौर पर वीकेंड पर फुटबॉल खेलने के बाद अपने प्रशंसकों के साथ तस्वीरें खिंचवाते हैं। कल वे काफी थके हुए थे, इसलिए उन्होंने प्रशंसकों के साथ तस्वीरें खिंचवाने का वह सेशन छोड़ दिया। यह उनके लिए एक बहुत ही किस्मत वाला फैसला साबित हुआ, जिसने उनकी जान बचा ली।
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, अभिनेता ने शिंदे से कहा कि उन्हें बिल्कुल भी अंदाजा नहीं है कि उन्हें लॉरेंस बिश्नोई गैंग या अभिनेता सलमान खान से जुड़ी किसी भी चीज के साथ क्यों जोड़ा जा रहा है।
वहीं, शिंदे ने पत्रकारों से कहा कि अब समय आ गया है कि आपराधिक नेटवर्क को एक बार फिर जड़ से उखाड़ फेंका जाए। उन्होंने 1990 के दशक में गैंग्स के खिलाफ की गई कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा, '1990 के दशक में जब गैंगवार चरम पर थे, तब इनकी जड़ें उखाड़ दी गई थीं। अब फिर से इन्हें उसी तरह जड़ से उखाड़ने का समय आ गया है।'
3 शूटर राजस्थान से गिरफ्तार
उल्लेखनीय है कि टाइगर श्रॉफ पर गोली चलाने वाले 3 शूटरों को राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार कर लिया गया है। तीनों से पूछताछ की जा रही है। शुरुआती खुफिया जानकारी से पता चला है कि वह पुलिस से बचने की कोशिश में ट्रेन से मुंबई से भाग गए थे। तीनों महाराष्ट्र की सीमा पार करके पड़ोसी राज्य गुजरात में दाखिल हो गए थे। शूटरों को राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से यात्रा करते समय पकड़ लिया गया है।
