Kathua Terror Attack: '10 सालों का डेटा दीजिए...' कुठआ आतंकी हमले को लेकर संजय राउत ने मोदी सरकार से की ये मांग
जम्मू-कश्मीर के कठुआ में हुए आतंकी हमले के बाद से विपक्षी लगातार केंद्र सरकार को घेर रही है। शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने सरकार से पिछले एक दशक में जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों द्वारा मारे गए लोगों की संख्या साझा करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि हमें उन सैनिकों की संख्या के बारे में जानकारी चाहिए जिन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया।

पीटीआई, मुंबई। 8 जुलाई को जम्मू-कश्मीर के कठुआ में हुए आतंकी हमले में 5 सैन्यकर्मियों की मौत से तनाव बढ़ गया है। इस हमले में एक जूनियर कमीशंड अधिकारी सहित पांच सैन्यकर्मी मारे गए थे और कई अन्य घायल हो गए थे। इस आतंकी हमले को लेकर विपक्षी लगातार केंद्र सरकार को घेर रही है।
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी से लेकर कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। इस बीच अब शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने भी सरकार से बड़ी मांग कर दी है।
संजय राउत की सरकार से बड़ी मांग
राउत ने मंगलवार को केंद्र सरकार से पिछले एक दशक में जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों द्वारा मारे गए लोगों की संख्या साझा करने का आह्वान किया। पत्रकारों से बात करते हुए, राज्यसभा सदस्य ने 2019 में अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद क्षेत्र में बढ़ते हालात पर चिंता व्यक्त की।
जान गंवाने वाले सैनिकों की क्यों चाहिए लिस्ट?
राउत ने जोर देकर कहा कि इस सरकार के कार्यकाल में जम्मू-कश्मीर में सबसे ज्यादा सैनिकों ने अपनी जान गंवाई है। दस साल पहले इस सरकार के गठन के बाद से, खासकर अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद से, जम्मू-कश्मीर में स्थिति बिगड़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि हमें उन सैनिकों की संख्या के बारे में जानकारी चाहिए जिन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया।'
केंद्र शासित प्रदेश में चल रहे हमलों पर प्रकाश डालते हुए राउत ने ऐसी घटनाओं को रोकने की जवाबदेही पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि हमलों को रोकने की जिम्मेदारी प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और रक्षा मंत्री की है।'
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