यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 15, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Maharashtra में अब लव जिहाद कानून लाने की तैयारी, एक्शन में सीएम फडणवीस; पैनल का किया गठन
महाराष्ट्र में लव जिहाद और जबरन धर्म परिवर्तन के मामलों से निपटने के लिए फडणवीस सरकार जल्द कानून ला सकती ...और पढ़ें

HighLights
- लव जिहाद और जबरन धर्म परिवर्तन रोकने के लिए बनेगा कानून
- पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता में 7 सदस्यीय समिति का हुआ गठन
- समिति अन्य राज्यों के कानूनों का करेगी अध्ययन
पीटीआई, मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने जबरन धर्मांतरण और 'लव जिहाद' के मामलों के खिलाफ नए कानून के कानूनी पहलुओं का अध्ययन करने के लिए राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की अध्यक्षता में सात सदस्यीय समिति का गठन किया है।
बनाई गई समिति
समिति में महिला एवं बाल कल्याण, अल्पसंख्यक मामले, कानून और न्यायपालिका, सामाजिक न्याय और विशेष सहायता विभागों के सचिव और गृह विभाग के उप सचिव शामिल हैं।
शुक्रवार देर रात जारी एक सरकारी संकल्प (जीआर) के अनुसार, समिति राज्य में मौजूदा स्थिति का अध्ययन करेगी और "लव जिहाद" और जबरन धर्मांतरण की शिकायतों से निपटने के लिए कदम सुझाएगी।
कमेटी कानूनी पहलुओं और दूसरे राज्यों में बने कानूनों पर भी गौर करेगी। यह पैनल जबरन धर्मांतरण और "लव जिहाद" की घटनाओं को रोकने के लिए कानून की सिफारिश करेगा।
उत्तर प्रदेश में लागू है कानून
लव जिहाद को लेकर सबसे पहले उत्तर प्रदेश में कानून बनाया गया था। इस कानून के तहत दोषी व्यक्ति को 20 साल की सजा का प्रावधान है। गुजरात, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और असम में लव जिहाद के खिलाफ कानून बन चुके हैं।
लव जिहाद की एक लाख से अधिक शिकायतें मिली- फडणवीस
वर्तमान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अक्टूबर 2024 में ये दावा किया था कि लव जिहाद की एक लाख से अधिक शिकायतें मिली हैं। उन्होंने कहा था कि एक दशक पहले लव जिहाद की बात को हम इक्का दुक्का घटना समझते थे, लेकिन एक लाख से अधिक शिकायतें मिली है। यह हमारे धर्म की महिलाओं को धोखा देने और बिगाड़ने का एक तरीका है।
