यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 12, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सुप्रिया सुले का कद बढ़ने से नाखुश हैं अजित पवार? एनसीपी की कार्यकारी अध्यक्ष ने दिया यह जवाब
एनसीपी की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने अपना कद बढ़ने को लेकर अजित पवार की नाराजगी की खबरों का खंडन ...और पढ़ें

पुणे, एएनआई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की नवनियुक्त कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने रविवार को अपने चचेरे भाई अजित पवार के उनके पदोन्नति के बाद 'नाखुश' होने के दावों का खंडन किया और उन्हें 'गपशप' करार दिया।
सुप्रिया सुले का बनाया गया महाराष्ट्र का प्रभारी
10 जून को एनसीपी के स्थापना दिवस पर पार्टी प्रमुख शरद पवार ने सुप्रिया सुले और वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया। अध्यक्ष के रूप में काम करने के अलावा, सुप्रिया को महाराष्ट्र का प्रभारी भी बनाया गया है, जिसे अजित पवार संभाल रहे थे। रविवार को एएनआई से बात करते हुए सुले ने कहा,
कौन कहता है कि वह (अजित पवार) खुश नहीं हैं, क्या किसी ने उनसे पूछा है? रिपोर्ट 'गपशप' है।
पुणे में एनसीपी कार्यकर्ताओं से मिलीं सुप्रिया
इससे पहले दिन में सुप्रिया सुले ने पुणे का दौरा किया और पार्टी के कई कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। कार्यकर्ताओं ने उनका अभिनंदन भी किया। पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के बाद सुले की पुणे की यह पहली यात्रा थी। सुले ने रविवार दोपहर पुणे शहर के गांधी भवन में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
अजित पवार ने असंतोष की खबरों को किया खारिज
इससे पहले शनिवार को अजित पवार ने भी अपने असंतोष की खबरों को खारिज करते हुए कहा था कि वह पार्टी के फैसले से खुश हैं। उन्होंने संवाददाताओं से कहा,
मीडिया की कुछ खबरें कि मैं इस बात से नाखुश हूं कि पार्टी ने मुझे कोई जिम्मेदारी नहीं दी, गलत है। हमारी कमेटी उस समय बनी थी, जब शरद पवार ने इस्तीफा दिया था। उस समय दो फैसले लिए जाने थे। पहला था शरद पवार से अपना इस्तीफा वापस लेने का अनुरोध करना और दूसरा सुप्रिया सुले को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त करना। समिति के गठन के समय यह सुझाव दिया गया था, लेकिन समिति के बाकी सदस्यों ने शरद पवार को अपना इस्तीफा वापस लेने के लिए राजी करने पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही।
लोकतंत्र में होने और बहुमत का सम्मान करने के कारण, मैंने इस्तीफे के मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करने का फैसला किया क्योंकि नए नेतृत्व को मजबूत और बढ़ाना है।
पूर्व सीएम शरद पवार ने पार्टी के स्थापना दिवस की 25वीं वर्षगांठ पर पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ये नियुक्तियां कीं, जिसका गठन उन्होंने 1999 में पीए संगमा के साथ मिलकर किया था। शरद पवार ने पिछले महीने पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने एनसीपी की समिति द्वारा पांच मई को उनके इस्तीफे को खारिज करने का प्रस्ताव पारित करने और पार्टी का नेतृत्व जारी रखने के अनुरोध के बाद अपना फैसला वापस ले लिया।
