Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    मुंबई में प्रदूषण पर काबू पाने के लिए BMC का बड़ा कदम, रेस्टोरेंट, खाने की दुकानों पर इस चीज की लगी रोक; जुलाई तक का दिया समय

    Updated: Sun, 16 Feb 2025 01:36 PM (IST)

    मुंबई में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर हाई कोर्ट ने रेस्टोरेंट होटल में तंदूर कोयले से इस्तेमाल होने वाली चीजों पर रोक लगा दी है। हाई कोर्ट ने निर्देश दिया है कि सभी प्रतिष्ठानों को 8 जुलाई तक स्वच्छ विकल्पों पर स्विच करना होगा अगर वो ऐसा नहीं करते हैं तो उनके व्यापार लाइसेंस को NTR में नहीं रखा जाएगा।

    Hero Image
    मुंबई में प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए BMC का कदम (फोटो-सोशल मीडिया)

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मुंबई के प्रतिष्ठित धुएंदार तंदूरी जायके से संबंधित चीजों को जल्द ही परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि शहर के रेस्टारांट चारकोल और लकड़ी से जलने वाले ओवन पर प्रतिबंध का पालन करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    हालांकि यह कदम मुंबई की बिगड़ती वायु गुणवत्ता से निपटने के उद्देश्य से उठाया गया है, लेकिन रेस्टारांट मालिकों का तर्क है कि पारंपरिक तंदूरों के बिना, कबाब अपनी धुएंदार गहराई खो सकते हैं और नान उसी तरह से फूल नहीं सकते हैं।

    खाने की दुकानों को भेजा गया नोटिस

    नगर निगम के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि अब सभी व्यावसायिक भोजनालयों को नोटिस भेजे जा रहे हैं, जिनमें होटल, रेस्तरांट, सड़क किनारे की दुकानें, खुली हवा में रसोई और तंदूर प्रतिष्ठान शामिल हैं, जिनमें उन्हें 9 जनवरी को जारी बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश का पालन करने का आग्रह किया गया है। बीएमसी के पर्यावरण विभाग ने 17 जनवरी को एक परिपत्र जारी कर प्रतिबंध को औपचारिक रूप दिया।

    हाई कोर्ट का निर्देश

    हाई कोर्ट ने निर्देश दिया है कि सभी प्रतिष्ठानों को 8 जुलाई तक स्वच्छ विकल्पों पर स्विच करना होगा, या फिर उनके व्यापार लाइसेंस को तब तक नागरिक प्रणाली में नया हीं किया जाएगा (एनटीआर)या चिह्नित किया जाएगा जब तक कि वे लकड़ी,कोयला या किसी अन्य पारंपरिक ईंधन का इस्तेमाल बंद नहीं कर देते।

    एक नागरिक अधिकारी ने इसको लेकर कहा,

    'ऐसे प्रतिष्ठान अनुपालन सुनिश्चित करने और स्वच्छ ईंधन में रूपांतरण के लिए मार्गदर्शन प्राप्त करने में सहायता के लिए स्वास्थ्य के चिकित्सा अधिकारी (एमओएच) से संपर्क कर सकते हैं।'

    हालांकि, इंडस्ट्री इस बदलाव को करने के लिए संघर्ष कर रही है। अंधेरी में गोपालकृष्ण रेस्टारांट के मालिक, आहार अध्यक्ष सुधाकर शेट्टी ने कहा कि मौजूदा तंदूरों को पर्यावरण के अनुकूल विकल्पों से बदलना इतना आसान नहीं है।

    उन्होंने कहा, 'हम आदेश को लागू करने के तरीके के बारे में विशेषज्ञों से परामर्श कर रहे हैं, क्योंकि महंगे, पर्यावरण के अनुकूल ओवन के साथ तंदूरों को बदलने में समय लगेगा, खासकर जुलाई की समय सीमा के साथ।'

    15,000 से ज्यादा रेस्टारांट ने PNG पर किया स्विच

    शेट्टी के अनुसार मुंबई में 15,000 से अधिक रेस्टारांट में से लगभग 15% ने तंदूर के PNG वर्जन पर स्विच कर लिया है, क्योंकि वे आसानी से उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए पूरे प्रतिस्थापन अभ्यास में ज्यादा समय लगेगा।