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    मेहुल चोकसी की बढ़ी मुश्किलें, 55 करोड़ के धोखाधड़ी मामले में गैर-जमानती वारंट जारी

    By Agency Edited By: Manish Negi
    Updated: Wed, 30 Apr 2025 04:57 PM (IST)

    भगोड़ा हीरा व्यापारी मेहुल चोकसी के खिलाफ मुंबई की एक अदालत ने गैर-जमानती वारंट जारी किया है। ये मामले में 55 करोड़ के लोन धोखाधड़ी से जुड़ा है। बता दें कि मेहुल चोकसी को हाल ही में बेल्जियम में गिरफ्तार किया गया था। भारतीय जांच एजेंसियों की ओर से प्रत्यर्पण के लिए अनुरोध किया गया है।

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    मेहुल चोकसी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (फोटो- पीटीआई)

    एजेंसी, मुंबई। भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी की मुसीबतें और बढ़ने वाली हैं। दरअसल, मुंबई की एक अदालत ने केनरा बैंक के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम से जुड़े ऋण धोखाधड़ी मामले में मेहुल चोकसी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। यह धोखाधड़ी लगभग 55 करोड़ रुपये की है।

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    बेल्जियम में हुआ था गिरफ्तार

    भारतीय जांच एजेंसियों की ओर से प्रत्यर्पण के लिए अनुरोध किए जाने के बाद चोकसी को 12 अप्रैल को बेल्जियम में गिरफ्तार किया गया था। उसके खिलाफ यह गैर-जमानती वारंट हाल ही में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एस्प्लेनेड कोर्ट) आरबी ठाकुर द्वारा जारी किया गया।

    क्या हैं आरोप?

    केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने आरोप लगाया है कि केनरा बैंक और बैंक आफ महाराष्ट्र ने बेजेल ज्वैलरी को कंसोर्टियम समझौते के तहत कार्यशील पूंजी सुविधाओं के रूप में 30 करोड़ रुपये और 25 करोड़ रुपये मंजूर किए थे।

    सीबीआई के अनुसार, यह ऋण सोने और हीरे जड़े आभूषणों के निर्माण और बिक्री के लिए दिया गया था। लेकिन, कंपनी ने कथित तौर पर इसका इस्तेमाल इच्छित उद्देश्यों के लिए नहीं किया। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि कंपनी ने ऋण नहीं चुकाया, जिससे कंसोर्टियम को 55.27 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

    पीएनबी घोटाले में मुख्य आरोपी चोकसी

    चोकसी और उसका भतीजा नीरव मोदी 13,500 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ''धोखाधड़ी'' में भी मुख्य आरोपित हैं। जहां एक ओर चोकसी बेल्जियम की एक अदालत में जमानत के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहा है, वहीं नीरव मोदी 2019 से लंदन की जेल में बंद है।