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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 08, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Marathi Language Row: 'दो हजार मील दूर से यहां आए हो तो...', MNS कार्यकर्ताओं ने दुकानदारों को क्या दी चेतावनी?

Published: Tue, 08 Jul 2025 09:27 PM (IST)

Marathi Language Row मुंबई में मनसे ने मराठी अस्मिता के लिए मीरा रोड में मोर्चा निकाला। पुलिस ने पहले अनुमति ...और पढ़ें

हिंदी-मराठी विवाद के बीच मनसे ने निकाली रैली।(फोटो सोर्स: पीटीआई)
हिंदी-मराठी विवाद के बीच मनसे ने निकाली रैली।(फोटो सोर्स: पीटीआई)

राज्य ब्यूरो, मुंबई। पिछले कुछ दिनों से चल रहे हिंदी-मराठी विवाद के बीच राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने आज मुंबई के पड़ोसी उपनगर मीरा रोड में मोर्चा निकाला।

शुरुआत में पुलिस द्वारा मोर्चे की अनुमति नहीं दिए जाने के कारण मंगलवार सुबह से ही मनसे कार्यकर्ताओं ने छोटे-छोटे समूहों में इकट्ठा होकर नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया।

एमनसे कार्यकर्ताओं ने खूब की नारेबाजी

मनसे कार्यकर्ताओं ने मराठी एकीकरण समिति के बैनर तले मराठी के सम्मान की रक्षा में एक मोर्चे का आयोजन किया था। स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा मोर्चे की न अनुमति न मिलने पर मंगलवार सुबह से ही मीरा रोड के अलग-अलग स्थानों पर मनसे कार्यकर्ता छोटे-छोटे समूहों में इकट्ठा होकर नारेबाजी करने लगे थे।

इसी बीच पुलिस ने मनसे के एक नेता अविनाश जाधव सहित कई और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया था। पुलिस द्वारा दोपहर 12 बजे के लगभग मोर्चा निकालने की अनुमति दी गई तो बालाजी होटल से मीरा रोड रेलवे स्टेशन तक मनसे कार्यकर्ताओं ने मोर्चा निकाला।

इस मोर्चे में शिवसेना (यूबीटी) के कार्यकर्ता भी शामिल हुए। यहां तक कि राज्य सरकार में मंत्री एवं शिवसेना शिंदे गुट के नेता प्रताप सरनाईक ने भी मराठी अस्मिता के नाम पर निकाले गए इस मोर्चे में हिस्सा लिया।

मोर्चे में बोलते हुए मनसे के नेता संदीप देशपांडे ने एक बार फिर परप्रांतीय दुकानदारों को धमकाते हुए कहा कि दो हजार मील दूर से यहां व्यापार करने आए हो, तो सिर्फ व्यापार करो। यहां के मराठियों को घमंड दिखाओगे तो कान के नीचे आवाज जरूर निकालेंगे।

सात कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज

बता दें कि 29 जून को मीरा रोड में ही मनसे के कार्यकर्ताओं ने एक गुजराती दुकानदार पर थप्पड़ बरसाए थे। इस मामले में सात कार्यकर्ताओं के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई थी। लेकन पुलिस ने किसी को गिरफ्तार नहीं किया। कोई गिरफ्तारी न होने के विरोध में मीरा रोड के व्यापारियों ने शनिवार को अपने प्रतिष्ठान बंद रखे और विरोध मार्च निकाला था।

शनिवार को ही दक्षिण मुंबई के वरली क्षेत्र में उद्धव और राज ठाकरे की विजय रैली भी थी। रैली का आयोजन सरकार द्वारा प्राथमिक कक्षाओं में हिंदी शिक्षा अनिवार्य किए जाने का निर्णय वापस लिए जाने के उपलक्ष्य में किया गया था।

मीरा रोड पुलिस ने 29 जून को गैरमराठीभाषी व्यवसायी पर थप्पड़ मारनेवाले मनसे कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार तो नहीं किया है, लेकिन एक सप्ताह के अंदर ही उनके विरुद्ध कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल कर दिया है। पुलिस का कहना है कि अब उन्हें सजा देना कोर्ट का काम है।